15 अगस्त पर कोरोनेसन और गांधी में बंटे सम्मान पत्र, कहीं खुशी कहीं गम.

कोरोनेसन अस्पताल और गांधी नेत्र चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस पर पुरस्कृत करने पर जहां एक खेमें में खुशी का माहौल है वही दूसरा खेमा इससे नाराज है। नाराज खेमें का कहना है कि पुरस्कार अपने चेहेते लोगों को बांटे गयें है।और जो लोग उच्च अधिकारियों के आस पास और उनके अपने खास है और कामकाज से जी चुराते है। उनको ही समानित किया गया।
आपकों बता दे कि, गांधी नेत्र चिकित्सालय में महिला विंग से गर्भवती महिलाओं का दून अस्पताल और अन्य प्रायवेट अस्पतालांं में भेजने का मामला लगातार प्रकाश में आया आ रहे है। हॉल ही में दून अस्पताल के गेट पर एंबुलेस में गर्भवती महिला ने बच्चे का जन्म दे दिया था। साथ कुछ समय पहले रायपुर अस्पताल से गर्भवती महिला को सिजेरियन डिलवरी के लिए गांधी अस्पताल भेजा गया लेकिन मरीज के सीजेरियन डिलवरी पर मना करने पर फिर से रायपुर अस्पताल में ही नार्मल डिलेवरी करा दी गई। सूत्रों की माने तो अस्पताल में मरीजों से धन लेकर डिलवरी करने के साथ ही प्रायवेट अस्पताल में मरीजों को भेज कर मोटा कमीसन लिया जा रहा है। अस्पताल के कई कर्मचारियों का कहना है कि सीएमएस डॉ रमोला के पास दो जगह का कार्यभार होने की वजह से यह कई प्रकार की समस्यायें पैदा हो रही है। वही उनका सख्त और अड़ियल रूख कर्मचारियां की परेसानी का सबब बना हुआ है। कोरोनेसन अस्पताल में दो जगह दांॅतों के डॉक्टरों का बैठना और मरीजों को सुविधा न मिला भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।इधर चिकित्सा महकमें में डॉ रमोला के सीएमओं बनने की खबर भी सुर्खियां बनी हुई है।