कोरोनेसन अस्पताल में सीमेन्ट के कट्टे में परोसी जा रही है मरीजों की रोटी.

देहरादूनःसरकारी अस्पताल में मरीजों की सेहत के साथ किस तरह का खिडवाड़ होता है इसकी बानगी कोरोनेसन अस्पताल में देखने को मिली है,कोरोनेसन अस्पताल की सहायक मात्रिका ने सीएमएस बीसी रमोली को लिखित पत्र लिख कर शिकायत की है कि खाना बांटने वाले सही ढंग से खाना नही बंटते है,कई बार मौखिक शिकायत करने पर भी नही मानते है। वहीं सीएमएस डॉ रमोला का कहना है कि अस्पताल से बाहर मरीजों के लिए खाना मंगवाना ही नियम के विरूध है,और उपर से मरीजों को खाना सही ढंग से न परोसा जाना अपराध है,दोषियों पर सक्त कार्यवाही की जायेगी।


वही इस मामले पर ठेकेदार शर्मा का कहना है कि यह पुराना मामला है, जो किसी कारण से हो गया था,अस्पताल के कर्मचारी सही समय पर मरीजों का मेन्यु नहीं बताते जिससे हमें मरीजों को खाना देने में काफी परेसानियों का सामना करना पढता है। हमारा पिछले 13 महीने के बिल का भुगतान अस्पताल प्रसाशन अभी तक नही कर पाया है जिसकी कुल राशि 87 लाख रूप्ये के करीब है।

सरकारी अस्पतालों में मरीजों के खाने में किस कदर की लापरवाही हो रही है यह कोरोनेसन अस्पताल में खाने बांटने में होने वाली लापरवाही से साफ पता चल जाता है। जबकि डॉक्टरों के अनुसार मरीजों का खाना साफ सुथरे वर्तनों में होना आवश्यक है।ठेकेदार शर्मा भले ही अपनी गलतियों से मुहू फेर रहे हो लेकिन इस घोर लापरवाही का खामयाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।जिसके लिए काफी हद तक अस्पताल प्रसाशन काफी हद तक जिम्मेदार है।

-भानु प्रकाश नेगी