कोरोनेशन अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए Good News




कोरोनेशन और गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को जिला अस्पताल बनाने की कवायद तेज।

कोरोनेशन अस्पताल में जल्द न्युरो सर्जन की होगी तैनाती।
-हर महीने की 9 तारिख को अस्पताल में मनाया जायेगा सुरक्षित मातिृत्व दिवस।
 दून जिला अस्पताल के दून मेडिकल कालेज में तब्दील होने से देहरादून जिला बिना जिला अस्पताल के चल रहा है। दो सालों से जिला अस्पताल  न होने से यहां के आम मरीजों को काफी मुस्किलों का सामना करना पड रहा है। लेकिन अब देहरादून जिले को जल्द जिला अस्पताल मिल जायेगा।
कोरोनेशन अस्पताल के सीएमएस डाॅ एल सी पुनेठा के अनुसार कोरोनेशन अस्पताल और गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय को  मिला कर जल्द एक  जिला अस्पताल बनाया जा रहा है। जिसमें एक भवन अलग से बनाया जायेगा इसके लिए केन्द्र सरकार से 50 करोड रूपये धनराशि की डिमांड केन्द्र सरकार से की गई है। उन्होने बताया कि कोरोनेशन अस्पताल में इंडोर सर्जरी,गायनी,मेडिसन,आर्थाेमेटिक्स,और इमरजेन्सी सुविधायें दी जायेगीं और बाकी सुविधायें( डेेंटल, आई,स्कीन)आदि गांधी शताब्दी में दी जायेगी। जिला अस्पताल खुलने से जिले के मरीजों को काफी राहत मिलेगी उन्होंने सरकार की इस पहल को सराहनीय बताया।
डाॅ पुनेठा के अनुसार कोरोनेशन अस्पताल में जल्द ही न्यूरो सर्जन की तैनाती की जायेगी संभव तय हाॅॅल के दिनों में ही ज्वाईनिग होने पर न्युरो के मरीजों को राहत मिलेगी। साथ ही न्युरो सर्जरी के लिए उपकरणों एवं आपरेसन थियेटर और डाॅक्टर के चैम्बर की व्यवस्था अस्पताल में की जा रही है। बदलते मौसम में बडते रोगों के लिए अस्पताल में प्रर्याप्त मात्रा में दवा और डाॅक्टरों की मौजूदगी है जिससे किसी भी स्थित से निपटा जा सकता है।
उन्होनें आम जनता को सुझाव दिया कि गर्मी के मौसम में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखे, फ्रिज में रखा बासी खाना ना खाये साथ ही ताजे फलों और जूस का स्तेमाल करें ताकि किसी भी प्रकार का रोग शरीर में ना हो सकें।
वही कोरोनेशन अस्पताल के बरिष्ट फिजिसियन डाॅ अजीत गैरोला ने अस्पताल को जिला अस्पताल बनाये जाने पर खुशी जाहिर की है, उन्होने कहा कि पिछले दो सालों से दून अस्पताल और अन्य अस्पतालों में चक्कर काट रहे मरीजों को अब राहत मिल पायेगी।क्योंकि जिला अस्पताल बनने से मरीजों को एक ही छत के नीचे लगभग सभी रोगों का इलाज मिल पायेगा।
उन्होंने बताया हमारा प्रयास रहता है कि हम अस्पताल आने वाले हर मरीज को बेहतर ईलाज दे सकें। इसी कडी में हमने कुछ स्यंम सेवी संस्थाओं और भारत सरकार की और से किये जाने वाले कार्यक्रम में हर महीने की 9 तारिख को सुरक्षित मातृत्व दिवस रखा है जिसमें गर्भवती महिलाओ को आयरन फोलिक एसिड,विटामिन ए आदि की गोलियां दी जायेगी साथ ही उनका डाॅक्टरों की टीम विशेष जांच भी करेगी।
    –भानु प्रकाश नेगी,देहरादून