सगंध खेती अब 10 नाली भूमि में, कृषिकरण हेतु 28 प्रजातियां का न्युनतम सर्मथन मूल्य घोषित

राज्य औषधीय पादप बोर्ड, देहरादून एवं जड़़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान, मण्डल-गोपेश्वर के संयुक्त तत्वाधान में वीर शिरोमणि माधो सिहं भण्डारी, किसान भवन, रिंग रोड देहरादून में आयोजित दो दिवसीय ’’उच्च शिखरीय औषधीय एवं संगध पादपों के संरक्षण एवं समग्र विकास’’ पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। उक्त सेमिनार में विभिन्न राज्यों यथा महाराष्ट्र, पंजाब, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात इत्यादि राज्यों से विभिन्न वैज्ञानिकों/शिक्षाविदों/शोधार्थियों द्वारा औषधीय एवं संगध पादपों पर किये जा रहे विभिन्न शोध कार्यो पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। राज्य में औषधीय एवं संगध पादपों का कृषिकरण कर रहे विभिन्न काश्तकारों द्वारा उक्त सेमिनार में प्रतिभाग किया गया। राष्ट्रीय संगोष्टी के द्वितीय दिवस दिनांक 11 नवम्बर 2017 को कुल 04 सत्रों का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम सत्र में डा0 सुनील शाह, संगध पादप केन्द्र, सेलाकुई, डा0 डी0 के0 सेमवाल, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय, देहरादुन, डा0 जगन्नाथ पाल, जे0एन0एम0 मेडिकल कालेज, रायपुर, डा0 इन्द्रेश मौर्य, पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिखरीय औषधीय एवं संगध पादपों पर शोध पत्र प्रस्तुत किये गये। द्वितीय सत्र में डा0 सत्यनारायण भट्ट, कर्नाटका राज्य औषधीय पादप बोर्ड, कर्नाटक, डा0 रमाकांत हरलालका, शंखुबाबा इन्टरनेशनल, मुम्बई, डा0 जफर, कैप सेलाकुई द्वारा प्रस्तुतिकरण दिये गये।


संगोष्ठी के तृतीय सत्र में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभाग करने आये प्रगतिशील कृषकों के साथ इन्टररेक्टिव सत्र का आयोजन किया गया जिसमें कृषकों द्वारा जड़ी बूटी एवं संगध पादपों के कृषिकरण से सम्बधित कठिनाइयों का निराकरण किया गया। उक्त सत्र में प्रतिभाग कर रहे कृषकों में राजेन्द्र सिंह चैहान, मोरी उत्तरकाशी, शेर सिंह राणा, जोशीमठ चमोली, गिरिधर सिंह चम्पावत, देवेन्द्र थपलियाल, टिहरी गढ़वाल, चैत सिंह बोनाल, धारचूला, पिथौरागढ़, बलवंत सिंह, कपकोट, बागेश्वर इत्यादि द्वारा उच्च गुणवत्तायुक्त बीज/पौध की समय पर आपूर्ति, मृदा परीक्षण, जड़ी बूटी प्रशिक्षण, पानी की व्यवस्था, विपणन में आ रही विभिन्न समस्याओं से सम्बधित प्रश्न पूछे गये जिनका डा0 बी0एस0 नेगी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य औषधीय पादप बोर्ड, देहरादून, डा0 जे0सी0 कैम, निदेशक, जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान, डा0 सुनील शाह, वैज्ञानिक, कैप, सेलाकुई तथा संस्थान के वैज्ञानिक डा0 वी0पी0 भट्ट, डा0 डी0 एस0 बिष्ट, डा0 सी0पी0 कुनियाल, डा0 विनोद बिष्ट द्वारा समाधान सुझाया गया।


उक्त संगोष्ठी के उद्घाटन के मुख्य अतिथि के रूप में मा0 उद्यान मंत्री,सुबोध उनियाल द्वारा औषधीय एवं संगध खेती को प्रोत्साहित करने के लिए वर्तमान में 05 नाली तक निशुल्क बीज/पौध उपलब्ध कराये जाने की सीमा को बढ़ाकर न्यूनतम 10 नाली करने, कृषिकरण हेतु चयनित 28 प्रजातियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने, तथा कृषकों की आय को दोगुना करने तथा चकबंदी हेतु विजन डोक्यूमेंट 2022 तैयार करने के लिए उत्तराखण्ड सरकार कृत संकल्प है।
संगोष्ठी के अतिम सत्र में डा0 बी0 एस0 नेगी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य औषधीय पादप बोर्ड, देहरादून तथा डा0 जे0सी0 कैम, निदेशक, जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान, मण्डल गोपेश्वर द्वारा सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए संगोष्ठी का समापन किया गया।