कलयुग के प्रत्यक्ष भागवान है शिरडी साई बाबा-कुलदीप कुंवर।

देहरादून:कलयुग में शिरडी साई बाबा ही साक्षात भगवान है,उनके ध्यान मात्र से ही दीन दुखी व लाचार वेबस मनुष्य के दुख व दर्द दूर हो जाते है। साई कथा करने से परिवारिक शांति व समृद्वि बनी रहती है, और उस परिवार में कभी भी कष्ट,दुख,दरिद्रता कभी नही आती है,जहां साई बाबा के कथा की जाती है। साई बाबा की कथा की प्रासंगिता आज के समय में बहुत महत्वपूर्ण है,एक ओर जहां समाज के कुछ नीच और कुत्सित लोग धर्म जाति,सम्रदाय आदि में बंटवारा कर देश की संमप्रभुता व एकता को खतरे में डालना चाहते है। वही साई बाबा के उपदेश व उनके बताये मार्ग पर चलने से एकता व राष्ट्र की अस्मिता एक धागे में बंध जाती है। उक्त कथानक प्रसिद्व साई कथा वाचक कुलदीप कुवंर ने देहरादून में एक साई कथा के दौरान कही।

उन्होंने ने कहा कि साई कथा में 53 अध्यायों की कथा को सक्षेप रूप में भक्तों के सामने रखा जाता है। साई कथा का उद्देश आज के समय में इंसान के अन्दर खत्म हो रही इंसानियत को जगाना है।सब इंसानों के अन्दर साई का निवास होता है बस जरूर होती है अपने अंन्दर के साई को जगाने की जिससे समाज का कल्याण होता है।

साई कथानक में आज के समय की वास्तविकता है,साई ग्रंथ में जिस तरह के कथानक लिखे गये है, उन्हें हर रोज लिखा जा सकता है क्योंकि बाबा की शक्ति से हर रोज साई भक्तों को चमत्कार देखने को मिल रहे है।विश्वभर में साई बाबा के चार हजार से भी ज्यादा मंदिर है,ये मंदिर इस बात का प्रमाण है कि साई भक्तों को बाबा का लगातार आर्शीबाद मिल रहा है।

वही सुरेश कृष्ण चावला संस्थापक साई मंदिर प्रेमनगर का कहना है कि साई बाबा की भक्ति शब्दों में करना कठिन है,साई बाबा के सभी कार्य निस्वार्थ होते थे,उन्होंने ने कभी मोह-माया, राग-देष नहीं रखा।शिरडी में लाखों की भीड़ के बाद भी कभी झगड़ा नहीं है।बाबा का उद्देश्य है कि बाबा को मानों लेकिन बाबा की भी मानों। साई मंदिर प्रेमनगर में काफी समय से गरीब व जरूरत मंदों को मात्र 20 रूपये में खाना दिया जा रहा है, जिसमें दीन दुखियों को फ्री में खाना दिया जाता है।

साईकथा का आयोजन देहरादून कृष्णा विहार मोहकमपुर निवासी शशि प्रभा व श्रीराम किशोर उपाध्याय और हिमानी उपाध्याय के द्वारा किया गया था।

-भानु प्रकाश नेगी,देहरादून