लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने किया ‘कफुवा’ गीत का विमोचन।

लोकगायक रजनीकांत सेमवाल द्वारा सोमश्वर देवता की महिमा पर आधारित गीत कफुवा का विमोचन गढरत्न लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने देहरादून स्थित एक होटल में किया। इस अवसर पर उन्होंने रजनीकांत सेमवाल को सुन्दर गीत बनाने के लिए बधाई व शुभकामनायें दी लोकगायक नेगी दा ने कहा कि रजनीकांत उत्तराखंड के सुदरवर्ती इलाके से वो चीजें लेकर आये है,जो उत्तराखंडियों ने कभी देखा भी नही होगा। पर्वतीय क्षेत्र मे फिल्मांकन किए गये इस गीत को बहुत सुन्दर ढंग से फिल्माया गया है।यह गीत जब लोगों तक पंहुचेगा तो उन्हें कुछ नया देखने को मिलेगा। हर तरह के गीत को गया जाना चाहिए,धार्मिक,हास्य व्यंग,श्रृगार रस सभी तरह के गीत गाये जाने चाहिए लेकिन पूर्ण समपर्ण के साथ इस गीत को पूर्ण समर्पित भाव से गया है।
वही गीत के रचियता रजनीकांत सेमवाल ने बताया कि कफुवा एक जागर शैली है,सोमश्वर देवता हमारे ईष्ट है जो उच्च हिमालयी क्षेत्र कुल्लू से कश्मीर तक के देवता है।हर साल गंगा व यमुना घाटी के गांवों मे सोमेश्वर देवता आते है वे हमारे ईष्ट देवता माने गये है।यह जागर गाने पर सोमेश्वर देवता किसी मनुष्य पर अवतरित होते है। देवता के स्थान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में है।यह अलग अलग स्थानों पर मंदिर अलग अलग वास्तुकला से निर्मित है,इसमें न र्सिफ धार्मिकता को बल्कि यहां की सुरम्य वादियों को भी फिल्माया गया है। जो पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है।
कैमरा मैन गोविन्द नेगी का कहना है कि यह गीत हमारे लिए किसी चुनौती से कम नही था।यह गीत सोमश्वर देवता का है,हमारे कुल्लू कश्मीर से लेकर गंगोत्री तक उनका क्षेत्र है। इस गीत में अलग अलग स्थानों पर मंदिर सहित वहां के कल्चर को दर्शाना था। लोगों ने इस पसंद किया है, और उम्मीद है कि आगे भी इस खूब पसंद किया जाऐगा।
ंइस अवसर पर गांगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल,सोमश्वर देवता के पश्वा,राजेन्द्र जोशी,मयंक आर्य,हरीश भट्ट,समाजसेवी चन्दर एम एस कैन्तुरा,अब्बू रावत,दिवाकर गैराला आदि गणमान्य लोग मौजूद थे।