जौनपुरःपटवारी चौकी बनी खंडहर,प्रसाशन मौन

नैनबाग
मोहन थपलियाल


प्रखंड जौनपुर के अंतर्गत बनाई गई पटवारी चौकीयों में अधिकांश राजस्व उपनिरक्षक न रहने से चौकिया खंडहर में तब्दील हो गई है जिससे पटवारी चौकियों में पटवारी न रहने से आम जनता को जगह जगह भटकने से चौकियों को लाभ आम जनता की न मिलने से आक्रोश है ।
जनपद टिहरी प्रखंड जौनपुर के अंतर्गत वर्ष 204-205 में तहसील घनोल्टी व नैनवाग के तहत कुल 24 राज्यस्व पटवारी क्षेत्र हैं । जिसमें धनोल्टी तहसील में कुल 15 पटवारी चौकियों में 11 पटवारी चौकियां बनी है ।
वही तहसील नैनबाग में कुल नौ राजस्व पटवारी क्षेत्र, में 7 पटवारी चौकीयां नैनबाग, बसाणगांव,
रामपुर नैग्याणा,खरसोन,बेल,
भटोली,टकारना में भवन र्निमित है।
वही जौनपुर क्षेत्र में पटवारी चौकी टकारना ,भटोली
,खरसोन व थान में बिजली पानी की सुविधाएं नही है।
मुख्य बात कि 13 सालों के बाद आज तक चौकी के भवन की मराम्मत व रखरखाव के अभाव से छ्त से पानी टपकने से भवनों की खस्ताहाल हो रहे है।
वर्तमान में अधिकांश चौकीयों में उपनिरक्ष न रहने पटवारी चौकियां खंडहर में तब्दील हो रही है ।
लेकिन
मजेदार की बात है कि सरकार ने पटवारी चौकीयों बनाकार आम जनता को सुविधा मिलने को लेकर चौकीयों का निर्माणा कराया। लेकिन जहां इन चौकीयों में उपनिरक्षक रहने के वजाय आवारा पशुओं का अड्डा बना हुआ है।
प्रखड तहसील नैनबाग में बिरोड व मूनोग व धनोल्टी में भूस्यासारी, तूनेटा व अगिन्डा में पटवारी चौकी भवन का निर्माण आज तक नही बनी।
स्थानीय आन्दन सिंह,गुलाब सिंह,गंम्भीर सिंह,हुकम सिंह,
अरविन्द ,अभिषेक आदि का कहना है कि सरकार द्वारा लाखों रुयये खर्च कर पटवारी के निवास व कार्यालय के लिए दो मंजिला पटवारी चौकी का भवन बनाया।लेकिन चौकीयों में पटवारी न रहने आम जनता को अपने काम के लिए जगह जगह भटकना पड़ रहा है।
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