जौनपुरःदुबड़ी त्यौहार में जमकर थिरके ग्रामीण

मोहन थपलियाल,नैनबाग

जौनपुर क्षेत्र अपनी अनूठी संस्कृति एवं रीतिरिवाजों के लिए पुरे प्रदेश में जाना जाता है ।जिसमें पौराणीक समय से लोक संस्कृती पर दुबडी त्यौहार घूमधाम व मध्य रात्री तक तांदी व रासों ग्रामीण जमकर थिरके।
भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला दुबड़ी त्यौहार भी जौनपुर का पौराणिक त्यौहार क्षेत्र के चंद गॉव में ही इस त्यौहार मनाने की परम्परा है। दुबडी क्षेत्र के पट्टी इडवालस्यूं,के 15 गॉव सहित ग्राम खैराड ,टक्कर, कुदाऊ,टकारना,,मुगलोडी,
खेडा,डिगोंन,बंगसील आदि गॉव में दुबड़ी त्यौहार आयोजित किया गया।
दुबड़ी को समस्त ग्रामीण खेतों की खड़ी फसलों में धान,झगोरा,
कांवाणी,चींणा,मक्की आदि फसल सबके खेतो से उखाड कर पंचायती चौक पर लाते है। जहां सभी फसल की अनाज को बांध कर लगभग 8 से 9 फिट तक गॉव के पंचायती के बीच में गिलकर खड़ा कर देते है। बीच में खीरा,अखारोट व मक्की छिपा देते है।


रात्री 8 बंजे गॉव की समस्त महिलाएं दुबडी की पूजा अर्चना कर अच्छी फसल होने की कामना करते है। पश्चात सभी लोगों ढोल नागाड़े के रासों नृत्य करते ही अचानक दुबड़ी पर नौछ्ने तोडकर देते है। और गॉव की सभी महिलाए दांणी व बाहार से आए मैहमान अपनी पौराणीक लोक सांस्कृती तांदी,रासों हारुल आदि देर रात तक जमकर दुबडी त्यौहार का आन्दन उठाते है।
इस मौके पर प्रदीप कवि, दिनेश तोमर ,सुंदरलाल कवि, दर्शन लाल नौटियाल, विनोद प्रसाद, वीरेंद्र दत्त बहुगुणा , राजीव डोभाल, सरदार सिंह जगमोहन सिंह आदि उपस्थित रहे।