जियोइर्न्फामेटिक मीट 2020 का उद्घाटन

उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष भवन के लोकापर्ण एवं उत्तराखण्ड राज्य

 

उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष उपयोग केन्द्र
(यूसैक) के नवनिर्मित भवन ‘उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष भवन’ का
लोकापर्ण एवं उत्तराखण्ड राज्य जियोइर्न्फामेटिक मीट 2020 का
उद्घाटन मा0 मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी एवं श्री ए.एस. किरण
कुमार, सदस्य अन्तरिक्ष आयोग भारत सरकार एवं पूर्व अध्यक्ष-ंउचयइसरो द्वारा संयुक्त
रूप से किया गया।
इस अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत ने अन्तरिक्ष
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सराहनीय प्रगति की है। इस दिषा में अन्तरिक्ष
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे अनुसंधान
एवं षोध कार्य जैसे प्रक्षेपण यान, उपग्रह संचार, सुदूर संवेदन, वाह्य
अन्तरिक्ष अध्ययन, अर्न्तग्रहीय वि-ुनवजयाय, षूक्ष्म तथा अतिषूक्ष्म प्रौद्योगिकी
षामिल हैं। जैसा कि आज पूरा विष्व त्रीव गति से ई-ंउचयगर्वेनेन्स से
जी-ंउचयगर्वेनेन्स की ओर ब-सजय़ रहा है ऐसे में हमारे उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष
उपयोग केन्द्र की उपयोगिता और भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा
कि उत्तराखण्ड राज्य की वि-ुनवजयाम भौगोलिक परिस्थिति एवं सामरिक दृ-ुनवजयट के
कारण सूचनाओं को प्राप्त करना एवं सही क्रियान्वयन बेहद कठिन एवं
चुनौतिपूर्ण कार्य है। भूगर्भिय दृ-ुनवजयट से अतिसंवेदनषील,
हिमाच्छादित क्षेत्र एवं आपदा बाहुल्य क्षेत्र के मद्देनजर संसाधनों के
नियोजन में अन्तरिक्ष विज्ञान अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं लाभकारी भूमिका
निभाता है। उन्होंने वैज्ञानिकां से अपेक्षा की कि विभिन्न षोध
कार्यो के माध्यम से प्रदेष को अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में
अग्रिणी बनाएंगे।
उद्घाटन अवसर पर इसरो के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री श्री ए.एस. किरण कुमार
ने कहा कि यूसैक राज्य में इसरो की नोडल एजेन्सी के रूप में कार्य रहा
है। यूसैक ने विगत 15 व-ुनवजर्या में राज्य सहायतित तथा वाह्य सहायतित
विभिन्न परियोजनाओं को सफलतापूर्वक सम्पादित किया है, जिससे राज्य के

विकास कार्यो के नीति नियोजन एवं नीति निर्धारण में अन्तरिक्षा
प्रौद्योगिकी की उपयोगिता सिद्ध हुई है।
इस अवसर पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री आर.के.
सुधाषुं ने कहा कि उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष भवन का कार्य तय समय पर पूर्ण
हुआ है जिसके लिए यूसैक की टीम बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा
कि यह संस्थान विभिन्न वि-ुनवजयायों पर प्रदेष के विकास एवं नियोजन के
कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस से पूर्व उद्घाटन कार्यक्रम में यूसैक के निदेषक प्रो0 एम.
पी.एस. बि-ुनवजयट ने अपने स्वागत सम्बोधन में कार्यक्रम में उपस्थित सभी
आमंत्रित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यूसैक प्रदेष के सभी
जिलों में एकत्रित किए जा रहे भूस्थानिक आंकड़ों के लिए प्रमुख जी.
आई.एस. हब के रूप में कार्य करेगा। एकत्रित आंकड़े प्रदेष के
विभिन्न प्रषासनिक एवं नीति निर्माताआें को सहायता प्रदान करेंगे।
वर्तमान में यूसैक की विभिन्न गतिविधियां -ंउचय टूरिज्म, षिक्षा, जलवायु
परिवर्तन, कृ-ुनवजया-ंउचयवानिकी एवं आपदा प्रबन्धन जैसे समस्त क्रियाकलापों का
संचालन इस उत्तराखण्ड अन्तरिक्ष भवन से किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन केन्द्र की वैज्ञानिक डॉ0 सु-ुनवजयामा गैरोला द्वारा
किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन केन्द्र के वरि-ुनवजयठ वैज्ञानिक डॉ0 प्रियदर्षी
उपाध्याय द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र उत्तराखण्ड राज्य जियोइर्न्फामेटिक मीट 2020 के
तकनीकी सत्र में इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ0 ए.एस. किरण कुमार ने
कार्यषाला में प्रतिभाग कर रहे विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों के
प्रमुख/वैज्ञानिकां/षोधार्थियों को भारत की पिछले 4
दषकों अन्तरिक्ष यात्रा के बारे में व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि
4 दषकों में अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी ने देष में सामाजिक-ंउचयआर्थिक
विकास के लिए अपनी क्षमता को मजबूती से स्थापित किया है। उन्होंने
बताया कि इसरो ने मंगल ग्रह तक पहुंचने के लिए तकनीकी को और अधिक
विकसित किया है साथ ही इसरो ने अबतक भारत के 175 से अधिक उपग्रहों
को सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल
ही में कार्टोसेट-ंउचय3 सैटेलाइट को प्रक्षेपित किया है जिससे 0.3 मीटर
रेज्युलेषन का डेटा प्राप्त हो रहा है जिसका उपयोग फसलों में होने
वाली बिमारियों एवं उनमें लगने वाले कीटों का भी अध्ययन किया जा
सकता है। उन्होंने अपेक्षा की कि अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी आधारित
सूचनाएं अधिक से अधिक जनसामन्य तक विभिन्न पोर्टल के माध्यम से

पहुंचाए, जिससे विभिन्न रेखीय विभागों, संस्थानों, जनसामान्य को
इसका लाभ मिल सके।
तकनीकी सत्र में आई.आई.आर.एस. देहरादून के निदेषक डॉ0
प्रकाष चौहान ने अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग हिमालय क्षेत्रों में
किस प्रकार किया जाए इस पर प्रस्तुतिकरण दिया। जिसमें उन्होंने गंगोत्री
ग्लेषियर में हो रहे बदलावां पर प्रकाष डालते हुए सम्पूर्ण हिमालयी
क्षेत्रों के ई-ंउचयदर्षन के बारे में बताया।
इस अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री एवं डॉ0 ए.एस. किरण कुमार द्वारा यूसैक के
प्रषासनिक अधिकारी  आर.एस. मेहता एवं जनसम्पर्क अधिकारी  सुधाकर
भट्ट को विभाग में उनके विषि-ुनवजयट योगदान एवं उत्कृष्ट कार्यो
के लिए प्रसस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उद्घाटन अवसर पर मा0 उच्च
षिक्षा राज्य मंत्री डॉ0 धनसिंह रावत, मा0 विधायक  धनसिंह नेगी,
दलीप सिंह रावत एवं  मुकेष कोली, सूचना एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी
विभाग के अपर सचिव भूपेन्द्र कुमार यादव,  विनोद कुमार
रतुड़ी, यूकॉस्ट के महानिदेषक डॉ0 राजेन्द्र डोभाल, यूसैक
के पूर्व निदेषक डॉ0 एम.एम. किमोठी एवं प्रो0 दुर्गेष पन्त,
पद्मश्री  ए.एन. पुरोहित, डॉ0 वी.सी. ठाकुर,  कल्याण सिंह रावत,
लोक गायक  नरेन्द्र सिंह नेगी, पर्यावरण संस्थान के निदेषक डॉ0
आर.एस. रावल, वाडिया संस्थान के निदेषक डॉ0 कलाचन्द्र सेन, नेहरू
पर्वतारोहण संस्थान के प्राचार्य कर्नल अमित बि-ुनवजयट, यूसैक के वैज्ञानिक
डॉ0 अरूणा रानी, डॉ0 आषा थपलियाल, डॉ0 गजेन्द्र सिंह,
प्रषासनिक सलाहकार श्री दिनेष चन्द्रा, श्री हेमन्त बि-ुनवजयट आदि समस्त कार्मिक
उपस्थित थे।