प्रथम आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन का शुभारम्भ। देहरादून को मिलेगा जल्द जिला अस्पतालःसीएम 

देहरादून को मिलेगा जल्द जिला अस्पतालःसीएम
देहरादून: कोरोनेशन अस्पताल में आयोजित राजकीय चिकित्सकीय प्रथम आॅनलाईन पंजीकरण सुविधा का उद्धाटन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिह रावत ने किया। कार्यक्रम के  दौरान स्वास्थ्य महानिदेशक अर्चना जौहरी ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हमारे प्रदेश में स्वाथ्स्य की सेवाये चुनौती बनी हुई है। जलवायु प्रकार के कारण कई तरह की बीमारीयांे जैसे टीबी,डेगू स्वाईन फलू,और डायबिटीज,कैन्सर,एक्सीडेन्ट वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए नित नये प्रयाय किये जा रहे है।सूचना तकनीकी का प्रयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसी क्रम में तीन बेस सवाओं का शुभारम्भ किया जा रहा है।इन सेवाओं का प्रयोग सरकारी अस्पतालों में किया जायेगा अब अपने घर में बैठ कर ही पंजीकरण कराया जा सकता है साथ ही यह भी पता लगाया जा सकेगा कि किस बीमारी का डाक्टर किस अस्पताल में मैजूद है। यह सेवा प्रारम्भ में 47 बडे चिकित्सालयों में किया है।यह आधार नं. पर आधारित  प्रणाली है। इसमें पूरे प्रदेश के मरीज पंजीकृत होगे जिसका उसे मैसेज प्राप्त होगा। जिससे अस्पतालों में लम्बी लाईन और घंटों खडे रहने से तीमारदार का समय बचेगा।भारत में यह सुविधा 140 अस्पताल है। और इसमें से 47 अस्पताल उत्तराखंड के है इससे स्वास्थ्य सेवाओं के मैनेजीमेन्ट में भी सुविधा होगी। इससे आसानी से पता लग सकेगा कि किस अस्पताल में कितने स्टाफ और दवाईयों की आवश्कता है।हमने ई रक्त कोश का प्रारम्भ किया है।इससे हमें पता लग सकेगा कि कौन से रक्तकोश में कितना रक्त कौन से रक्त ग्रुप की उपल्ब्ध है।जिससे हम जरूरत मंदों को प्रभावी तरीके से रक्त प्रदान कर सकें। इसके साथ ही ई औषधि से औषधियों का सुद्रणीकरण करते हुऐ सुचारू रूप से हर अस्पताल तक पंहुचाया जा सके। जिससे पारर्दशिता बनी रहेगी।
सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य नीतिस झा ने आॅनलाइन पंजीकरण सुविधा से अस्पतालों में लगने वाली लम्बी लाईनों से छुटकारा मिल सकेगा।आनलाईन सिस्टम से दूरी,धन,समय तीनों की बचत होगी उत्तराखंड के परपेक्ष में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। चिकित्सा में जितना जल्दी ईलाज  मिलता है वह उतना ही महत्वपूर्ण होता है।कुछ समय बाद  आॅन लाईन आपीडी के लिए ई पर्ची  नाम से एक softwere लांच किया जायेगा जिससे हमें यह पता चल पायेगा कि किस अस्पताल में कितने डाक्टर, और अन्य स्टाफ है साथ ही किस रोग का डाॅक्टर किस अस्पताल में मौजूद है यह भी पता चल पायेगा।
राजपुर रोड़ विधायक खजानदास ने कहा कि देहरादून को जिला अस्पताल दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से अपील की उन्होनें कोरोनेशन और गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय दोनों में से एक को जिला अस्पताल बनाने की बात जोर देकर करी।उन्होनें मुख्यमंत्री के प्रदेश के स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति चिन्ता को सराहनीय बताया और 100 से अधिक डाॅक्टरों को पहाड़ चडाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।उन्होनें दून मेडिकल काॅलेज की दयनीय स्थित कोे देखते हुऐ उसे कही अन्यत्र सिफट किये जाने की बात कही।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि तीनों सेवायें उत्तराखंड की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। क्योकि हमारा राज्य विकट भौगोलिक परिस्थितियों वाला है।उन्होनें कहा यहां आये दिन दुर्धटनायें होती रहती है मरीज को समय पर रक्त आदि की सुविधा नही मिल पाती है ई सेवा शुरू होने से मरीज के तामीरदारों को आॅनलाईन यह सुविधा मिल पायेगी। क्योंकि दुर्धटना होने के आधे धंटे के बाद अगर मरीज को इलाज मिल जाता है तो उसके बचने के चांस ज्यादा रहते है।इन सेवाओं को अपडेट करने का कार्य लगातार जारी है जिसमें अभी समय लगेगा क्योंकि इसमें डाॅक्टरों की तैनाती महत्वपूर्ण होगी। हमें उत्तराखंड को सुन्दरता के साथ स्वस्थ बनाना है। विजन 2020 के अन्र्तगत हमें मात्रृ मृत्युदर,शिशु,मृत्युदर को कम करना और 10 किलामीटर के दायेरे में स्वास्थ्य सेवाये उपलब्ध करना है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द सिंह रावत ने कहा कि देशभर में कुल 140 अस्पतालों में जिनमें ई रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है उनमें 47 उत्तराखंड के है।रक्त बैकों जिनकी संख्या 35 है से सभी ई रक्त बैंक हो गये है।ई औषधि से 52 अस्पताल जुडं़े है जिससे मरीजों और उनके तामीरदारों को काफी राहत मिल सकेगी।उन्होनें कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के दौरान हमारा नारा था कि कोदा झंगोरा खायेगें उत्तराखंड बनायेगें लेकिन जब राज्य बन गया तब डाॅक्टर बोल रहें है कि हम पहाड नही चड सकते हम यही ठीक है।उन्होनें खेद जताया कि हमारे राज्य की भौगोलिक परिस्थितियांे विषम होने के कारण यहां स्वास्थ्य,शिक्षा आदि की स्थिति बेहतर नही है। मेरा प्रयास है कि इसे बेहतर किया जाय जिसके लिए सिर्फ सरकार ही नही समाज को भी चिन्ता करने की आवश्कता है।स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिनकी जिम्मेदारी है उनकी चिन्ता ज्यादा होनी चाहिये।सूचना तकनीकी के माघ्यम से प्रदेश के दूरस्त क्षेत्रों में सेवा देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।जिसकी शुरवात टेली मेडिसियन,टेली रेडियोलाॅजी से की है।आप सीधे अपने सुझाव मुझे भी दे सकते है।712 और 62 चिकित्सकों की भर्ती कर रहे है।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिश्न के अन्र्तगत16 विशेषज्ञ चिकित्सक जिनमें बाल रोग विशेषज्ञ,मनोरोग विशेषज्ञ, और स्त्रीरोग विशेषज्ञ आदि की नियुक्ति की जा चुकी है।साथ ही 58 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। दूरस्त क्षेत्रों के लिए नियुक्त प्रक्रिया में 440 एएनएम600 संविधा फार्मसिस्ट,12 रेडियोंग्राफर की नियुक्ति गतिमान है 200 अपचारिकायें 20 फारर्मसिस्ट की नियुक्ति अतिशीघ्र की जायेगी।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्र्तगत 900 संविधा कर्मचारियों की जिनमंें 339 उपचारिकायें 70 से अधिक लैब टैक्नीशियन,112 आयुष फार्मशिस्ट  की भर्ती की जायेगी।राजकीय दून मेडिकल काॅलेज 4 आकस्मिक चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती 151 असस्टेन्ट प्रोफेसर की भर्ती की जायेगी। श्रीनगर मेेडिकल काॅलेज में 131 संकाय संदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही सभी को स्वास्थ्य बीमा योजना और हेल्थ इंन्सोरन्स जोड दिया जायेगा। वित्तीय वर्ष तक इसे पूरा कर लिया जायेगा। 61 108 मार्च तक आयेगी।सभी जिला अस्पतालों में आईसीयू बनाये जायेगें
कार्यक्रम दौरान कोरोनेशन अस्पताल के सीएमएस एलसी पुनेठ, बरिष्ट  फिजिशियन डाॅ एन एस बिष्ट, डाॅ अजीत गैराला,डाॅ बीसी रमोला,भाजपा नेता विनय गोयल, विधायक मुन्ना सिंह चैहान आदि लोग मौजूद रहै।
-भानु प्रकाश नेगी