चमोली:आर्ट टीचर की इस खास पेंटिंग ने खडे कर दिये नीति नियंताओं पर गंभीर सवाल,सोशल मीडिया पर पेंटिग वायरल

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों से लगातार हो रहे पलायन के कारण यहां के कतिपय गांव जन शुन्य होने लगे हैं,जिससे यहां की सांस्कृतिक, सामाजिक  विरासत है संकट में आने लगी है। सीमांत गाॅवों से लगातार हो रहे पलायन के कारण देश की सीमायें भी खतरे में दिखाई देने लगी है। पहाड़ की इस पहाड़ जैसी समस्या को राज्य स्थापना की 20 साल बाद भी कोई जिम्मेदार मुख्या नहीं समझ पाया है, लेकिन इस पीड़ा को वही समझ सकता है जो इन पहाड़ों के जीवन को जिया हो। पहाड़ों की इस भयानक पीड़ा को एक कलाप्रेमी से अधिक  कौन समझ सकता है और अगर वह शिक्षाविद हो तो फिर कहना ही क्या….पहाड की पीड़ा को  जनपद चमोली  में राजकीय इंटर कॉलेज थराली के आर्ट टीचर हुसैन ने अपनी पेंटिंग  में उतारा है।जो सोशल मीडिया में खूब सराही जा रही है।

फेसबुक वाल से… हुसैन जी , कला शिक्षक राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज थराली चमोली की सृजनशीलता की एक नायाब कलाकृति,… हुसैन सर ने जिस विषय को लेकर ये तस्वीर बनाई है वो इस पहाडी राज्य की आज की सच्चाई है.. पलायन इस पहाड की एक पीढी के लिए अपनों से बिछुडने का दंश व दर्द छोड देता है.. ये भावनाओं एवंं रिश्तों के बिछुडने की तस्वीर है. ये अपनी माता व मातृ भूमि से बिछुडने की तस्वीर है.. बुजुर्ग माता- पिता के दुखों की अंतहीन कहानी की एक तस्वीर है.. वीरान होते घरों एवंं सूने पहाडों के अपने युवाओं के खोने की तस्वीर है.. न खत्म होने वाले पलायन की एक ऐसी तस्वीर है जो हमारे राज्य के नीति नियंताओं पर गहरे सवाल खडे करती है…. ये इस राज्य के अस्तित्व पर भी सवाल खडी करती हुई तस्वीर है.