हाईकोर्ट के आदेशों की जमकर हो रही है अवहेलना, प्रति पॉलीथीन पर 500 रूपया जुर्माना भी बेअसर.

प्रति पॉलीथीन पर 500 रूपया जुर्माने का भी नहीं हो रहा कोई असर।

प्लास्टिक हमारी जिन्दगी में अब इस कदर घूल गया है जैसे नमक और पानी। जिसे अलग करना नामुकिन सा है लेकिन इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। पॉलीथीन बैग से पर्यावरण को हो रहे खासे नुकसान और इसके बेहिसाब प्रयोग को देखते हुऐ हॉल ही में हाई कोर्ट ने प्रति पॉलीथीन पर 500 रूपये जुर्माना लगाने का आदेश शासन और प्रशासन को दिये थें। लेकिन इन नियमों को लागू होने के बाद भी इसका कोई असर कहीं पर भी देखने को नहीं मिल रहा है। पॉलीथीन में सामान ले जाने में न तो उपभोक्ता परहेज कर रहा है और न ही दुकानदार इसमें सामन बेचने में । हॉलाकि दुकानदारों का कहना है कि पॉलीथीन बंद होनी चाहिए लेकिन इसके लिए पॉलीथीन की फैक्ट्री बंद की जानी चाहिए। साथ ही पॉलीथीन का विकल्प भी होना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं और दुकानदारों को कोइ्र परेसानी न हो सके।


विशेषज्ञों की माने तो पॉलीथीन बंद करने के लिए जन जागरूकता का होना जरूरी हैं।ासाथ ही आम आदमी को यह समझने की आवश्कता है कि वह भविश्य के खतरों को देखकर अभी से पॉलीथीन को बाय बाय करें तभी समस्या का कुछ समाधान निकल सकेगा।