हरिद्वार पुलिस की काली करतूत,मानसिक रोग से पीड़ित बिपिन रावत को नंगा कर छोड़ा BHEL के जंगल में,पीड़ित कई दिनों से गायब।

हरिद्वार/देहरादून। संजय भट्ट।


हरिद्वार पुलिस की काली करतूत एक बार फिर से सामने आई है।पुलिस ने मानसिक रोग से पीड़ित बिपिन बर्तवाल को जमकर पीटकर  चंद रूपयों के लिए BHEL के जंगलों में छोड़ दिया। बताया जा रहा है  इस जंगल में तीन खूखार बाघ भी सक्रिय है।पूरे घटनाक्रम पर एक नजर-

बिपिन सिंह बर्तवाल पुत्र मोहन सिंह निवासी ग्राम मसौली, पोखरी, जिला चमोली अभी 3 महीने पहले दुबई में कार्यरत था। 5 नवम्बर 2019 को देहरादून के नथुवावाला से अपने डोकोमेंट, पासपोर्ट आदि ले कर घर से निकला। उसके बाद से गायब चल रहा है।

10 नवम्बर को हरिद्वार की नेहा सक्सेना ने एक मानसिक रूप से बीमार लड़के की फ़ोटो भेजी जो हरिद्वार के चंडीघाट पर नग्न अवस्था मे था। देहरादून के संजय भट्ट, प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस उत्तराखण्ड व चमोली की रेनु नेगी, प्रदेश सचिव महिला कांग्रेस उत्तराखण्ड ने ये फोटो व लड़के की जानकारी फेसबुक व व्हाट्सएप्प के जरिये लोगों तक पहुंचाई। जिसके बाद चमोली पुलिस, क्षेत्र के पटवारी/राजस्व पुलिस से रेनु नेगी ने फोन द्वारा सम्पर्क किया। व रुद्रप्रयाग के अंकुर रौथाण व गोपेश्वर की ममता बिष्ट ने लड़के को पहचान कर घर वालों का नाम पता व फोन नम्बर उपलब्ध करवाया। जिसके बाद बुधवार 13 नवम्बर को बिपिन के भाई गिरीश बर्तवाल व बहन पद्मा राणा व हरिद्वार की नेहा सक्सेना ने पुलिस चौकी चंडीघाट हरिद्वार पहुंच कर पुलिस से संपर्क किया व बिपिन की खोज शुरू की।

बृहस्पतिवार को रेनु नेगी, नेहा सक्सेना, संजय भट्ट, भाई गिरीश सिंह, बहन पद्मा राणा, सुबोध सिंह बर्तवाल, पुष्कर सिंह बर्तवाल, दीवान सिंह नेगी, दीपेंद्र सिंह नेगी, हरेंद्र सिंह नेगी, विनय रौथाण, मोहम्द कैफ अली, ने व पुलिस से मात्र सब इंस्पेक्टर अमरीश सिंह ने पूरा दिन रात एक कर ढूंढने की कोशिश में पूरा हरिद्वार छाना, शाम को बिपिन के पिता मोहन सिंह बर्तवाल भी रुद्रप्रयाग से हरिद्वार पहुंचे व सबके साथ हरिद्वार के घाटों की ओर दौड़ते रहे। आज भी अन्य लोगों के साथ कमला नेगी, देवेश पुजारी, महेश नेगी आदि रायवाला क्षेत्र में बिपिन को ढूंढ रहे हैं।

संजय भट्ट, रेनु नेगी, नेहा सक्सेना की सूझबूझ से खुली परतें


चंडीघाट के आम लोगों से पूछताछ कर 11 नवम्बर की घटना का पता चला और कड़ियां खुलती गई। लोगों ने बताया कि जब बिपिन को दौरा उठा और उसने किसी को परेशान किया तो वहां के लोगों ने उसे खूब मारा, लोगों का कहना था कि बिपिन हटाकट्टा था, अगर उसकी जगह कोई और होता तो वो इतनी मार से मर जाता।


संदिग्ध औगड बाबा, शिव कुमार व गोपाल हरियाणवी ने बिपिन को कियाअधमरा


लोगों से पूछताछ में पता चला कि 7,8 नवम्बर को बिपिन चंडीघाट पहुंचा, उसका व्यवहार अच्छा था। उसने गंगा में फूल खरीद कर चढ़ाए। 10 नवम्बर की रात को चंडीघाट शमसान के एक काले से औघड़ बाबा ने बिपिन को रात को मारा पीटा। वहीं 11 नवम्बर को बिपिन द्वारा शिव कुमार की अस्थाई दुकान का बांस हिलाने पर दुकानदार शिव कुमार व गोपाल हरियाणवी ने बिपिन को डंडों से मार-मार कर अधमरा कर दिया।


महेश, बब्बू पंडित, गोपाल हरियाणवी व एक अन्य बिपिन के पीछे गए


लोगों ने बताया कि शिव कुमार की अस्थाई दुकान का बांस हिलाने पर शिव कुमार व गोपाल ने जब बिपिन को डंडों से बुरी तरह पिट कर अधमरा कर दिया तो वो पास खड़ी एक बस में चढ़ गया और बस की सवारियों के उतरने के लिए कहने पर वो बस से उतर गया। इस दौरान बिपिन नग्न अवस्था मे था। तब किसी ने उसे एक निक्कर पहनाया। इसके बाद बिपिन वहाँ से भागा तो महेश, गोपाल हरियाणवी, बब्बू पंडित व एक अन्य दो मोटरसाइकिल में उसके पीछे गए।


पुलिस मुन्ना ठाकुर व गोपाल हरियाणवी को ले गई चौकी-


जब ये सब घटनाक्रम सब इंस्पेक्टर अमरीश सिंह को बताया जा रहा था तो अमरीश सिंह ने शिव कुमार व गोपाल हरियाणवी को चौकी ले जाया गया व कांस्टेबल दीपक ने मुन्ना ठाकुर को चौकी बुलवा लिया। जैसे ही ये अन्य को पता चला तो वो मौके से फरार हो गए।

कांस्टेबल दीपक ने किया गुमराह


कांस्टेबल दीपक व होमगार्ड प्रकाश नाथ ने 13 व 14 नवम्बर को परिवार वालों व पुलिस को भी लगातार गुमराह किया। गोपाल हरियाणवी ने बताया कि 11 नवम्बर को समय लगभग 2-2:30 पर बिपिन को हम लोग चंडीघाट चौकी ले आये थे। जहां से कांस्टेबल दीपक, होमगार्ड प्रकाश नाथ, मैं व 3 अन्य लोग मेक्स गाड़ी में डाल कर हरिद्वार के BHEL के सेक्टर 4 के पास जंगल मे छोड़ आये थे। बता दें कि उस जंगल मे 3 बाघ भी लगे हुवे हैं जो आमजन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गोपाल हरियाणवी ने यह भी बताया कि बिपिन ने उन्हें कहा कि मुझे मेरे घर देहरादून छोड़ दो तो मैं तुम्हे 20,000 रु दूंगा। परन्तु इन्होंने बिपिन से 50 हजार देने पर घर छोड़ने की बात कही और BHEL के जंगल मे छोड़ आए।


BHEL के गेट पर तैनात गार्ड ने 108 एम्बुलेंस को बुला कर पहुंचाया अस्पताल


11 नवम्बर को ही BHEL के गेट पर तैनात गार्ड ने बिपिन को गंभीर अवस्था मे पड़ा देख 108 एम्बुलेंस को बुलाया। जो उसे पहले BHEL अस्पताल ले गई,वहां से बिपिन को GD अस्पताल हरिद्वार भेज दिया गया।


लोगों ने 112 पर भी की थी कॉल-


लोगों ने बताया कि जब बिपिन को 11 नवम्बर को मारा पीटा जा रहा था तो लोगों ने 100/112 नम्बर पर पुलिस को कॉल की थी। चंडीघाट चौकी पर पुलिस कंटोल रूम से आई कॉल के बाद कांस्टेबल दीपक ने स्थानीय मुन्ना ठाकुर को मामला देख लेने को कह दिया था।

पुलिस द्वारा लगातार गुमराह करने व समाजसेवियों द्वारा कड़ियां खोलने पर थानाध्यक्ष दीपक कठैत ने 3 दिन के अंदर बिपिन सिंह बर्तवाल को ढूंढने का भरोसा दिया है।

सोशल मीडिया पर अनुपम त्यागी नामक व्यक्ति ने बिपिन को शांतिकुंज हरिद्वार में बताई है। साथ ही मोतीचूर में भी बिपिन को देखा जाना बताया जा रहा है। बिपिन के परिवार वालों के द्वारा देहरादून के रायपुर थाना व हरिद्वार के ज्वालापुर/कनखल थाना में बिपिन सिंह बर्तवाल की गुमशुदगी की तहरीर व फोटो दी गई थी। परन्तु वहां से भी कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई।