पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की नींव मजबूत कर रहा हैं हंस फाउंडेशन.

पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की नींव मजबूत कर रहा हैं हंस फाउंडेशन
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उत्तराखण्ड के दूर-दराज के इलाकों में चले रहे स्कूलों का प्रदान किया जरूरी सामान
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उतराखंड में स्वास्थ्य-शिक्षा,कृष, वन, जल, सफाई, तथा दिव्यांग जनों के कल्याण से जुड़े विकास कार्यक्रमों में अह्म भूमिका निभा रहे हंस फाउंडेशन एवं हंस कल्चर सेंटर के प्रेरणास्रोत माताश्री मंगला जी एवं श्री भोलेजी महाराज के आशीर्वाद से उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे स्कूलों में बेहतर शिक्षा एवं इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

इस लीक में हंस फाउंडेशन के तत्वावधान में उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामिण क्षेत्रों में चल रहे स्कूलों के स्कूली छात्र-छात्राओं को कई अन्य सामाग्री प्रदान की गई।
उत्तराखंड के दूर-दराज के इलाकों में चले रहे स्कूलों के बच्चों को सर्दी से बचने के लिए गर्म जरूरी समान प्रदान किया गया है। ताकि इन बच्चों की शिक्षा में कठिन से कठिन परिस्थिति में भी कोई रूकावट न आए।
आपको बता दें कि हंस फाउंडेशन के तत्वावधान में राजकीय,उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,चामाचौड़ पिथौरागढ,राजकीय प्राथमिक विद्यालय जड़धारगांव,टिहरी गढ़वाल,राजकीय इंटर कॉलेज बुरांसखण्डा,रायपुर,देहरादून सहित कई अन्य स्कूलों के छात्र-छात्राओं को सर्दी से बचने के लिए जरूरी समाग्री प्रदान की गई गर्म हुड्स जैकैट, स्कूली जूते,मौजे शामिल है।
संस्था का प्रयास है कि उत्तराखंड के दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे स्कूलों में शिक्षा बेहतर हो इसके लिए इन क्षेत्रों में चल रहे स्कूलों को निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। आज जिन स्कूलों को सहयोग किया गया है। यह स्कूल पहाड़ के उन क्षेत्रों में स्थिति हैं। जहां आज के समय में पहुंचना बहुत कठिन है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे किन हालातों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। यह देख-कर पहाड़ की परिभाषा परिभाषित होती है कि इन दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ने वाले स्कूली बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए हंस फाउंडेशन प्रतिबंध है। इसी का नतीजा हैं की आज इन स्कूलों में बच्चों का संख्या बढ़ रही हैं और शिक्षा का प्रतिशत बढ़ रहा है।

आपको बता दें कि माता मंगला व भोले जी महाराज की दूरदृष्टि का ही परिणाम हैं की देश के 28 राज्यों में हंस फाउंडेशन प्रमुख रूप से सक्रिय है। महत्वपूर्ण बात है कि फाउंडेशन उन दूरस्थ क्षेत्रों में भी शिक्षा की अलख जगा रही है, जो पलायन का शिकार हैं। शिक्षा की मजबूत नींव पर खड़े बच्चे निश्चित तौर पर भारत निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे है। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के क्षेत्र में निरंतर काम कर समाज को दिशा देने का काम कर रही है।
इस मौके पर राजकीय,उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,चामाचौड़ पिथौरागढ,राजकीय प्राथमिक विद्यालय जड़धारगांव,टिहरी गढ़वाल और राजकीय इंटर कॉलेज बुरांसखण्डा,रायपुर,देहरादून के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने माताश्री मंगला जी एवं श्रीभोलेजी महाराज जी का आभार प्रकट किया।