ग्वालियर से हृदय रोगों का इलाज कराने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पहुँचे 86 वर्षीय वृद्ध

ग्वालियर से हृदय रोगों का इलाज कराने
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पहुँचे 86 वर्षीय वृद्ध

देहरादून। ग्वालियर निवासी सेवानिवृत्त ओनरेरी कैप्टन विशना सिंह हृदय रोगों का इलाज कराने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पहुॅंचे। वे वरिष्ठ कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅं0 कर्नल सलिल गर्ग से इलाज करवाने हेतु आए हुए हैं। सन् 2018 में आर0आर0आर्मी अस्पताल, नई दिल्ली में तैनाती के दौरान डाॅं0 कर्नल सलिल गर्ग ने ही 86 वर्षीय वृद्ध विशन सिंह की एंजियोप्लास्टी की थी। एंजियोप्लास्टी से अपेक्षाकृत सफल इलाज पाकर विशन सिंह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। विशन सिंह ने जानकारी दी 2018 में दिल का दौरा पड़ने के बाद डाॅं0 कर्नल सलिल गर्ग ने न सिर्फ उनकी सफल एंजियोप्लास्टी की बल्कि साथ ही विस्तृत काउंसलिंग भी की। काउंसलिंग में उन्होंने अपने हृदय रोगों के कारण, इलाज, इलाज के उपरान्त बरती जाने वाली सावधानियाॅं व परहेज, एंजियोग्राफी के उपरान्त समय-समय पर लिए जाने वाले परामर्श एवम् जाॅंचों के बारे में सटीक तस्वीर दी।
विशन सिंह डाॅं0 कर्नल सलिल गर्ग, डी0एन0बी0(कार्डियोलाॅजी) द्वारा दिये गये इलाज व काउंसलिंग से इतने प्रभावित हुए कि एंजियोग्राफी के उपरान्त जरूरत पड़ने वाले परामर्श व जाॅंचों के लिए वे डाॅं0 कर्नल सलिल गर्ग से मिलने ग्वालियर से श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून आ पहुॅंचे। विशन सिंह ने कहा कि दिखा तो वे आर0आर0 आर्मी अस्पताल, नई दिल्ली या ग्वालियर के किसी अस्पताल में भी सकते थे पर उन्हें विश्वास सिर्फ कर्नल सलिल गर्ग पर ही था एवम् उन्होंने श्री महंत इन्दरेश अस्पताल की प्रतिष्ठा के बारे में भी के बारे में ग्वालियर तक में सुन रखा है। इसी से प्रभावित होकर डाॅ0 कर्नल सलिल गर्ग से इलाज करवाने के लिए देहरादून स्थित श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पहुॅंच गये। अस्पताल की अत्याधुनिक सुविधाएं पाकर भी वह बहुत प्रसन्न हुए।
ज्ञातव्य है कि डाॅं0 कर्नल सलिल गर्ग देश के नामचीन कार्डियोलाॅजिस्टों में से एक हैं जिन्हें 10000 से ज्यादा एंजियोग्राफी, 5000 से ज्यादा एंजियोप्लास्टी, 1000 से ज्यादा पेसमेकर इम्प्लांटेशन, 200 से ज्यादा इंट्रा-कार्डियक डीफिबरिलेटर्स इम्पलांटेशन करने का अनुभव है। इसके अलावा वे 200 से ज्यादा बी0एम0वी0 पोसिजर्स भी कर चुके हैं। बी0एम0वी0 वह पोसिजर है जिसमें हार्ट वाल्व को फुलाया जाता है एवम् जब वाल्व सिकुड़ जाता है तो जिसे ट्रांसन्सेरटिक वाल्व रिप्लेसमेंट कहा जाता है। आर0आर0आर्मी अस्पताल, नई दिल्ली में में उन्होंने टीएवीआर जिसमें की एओरटिक वाल्व को बदला जाता है और हृदय प्रत्यारोपण का स्थापन करने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने अपनी डी0एन0बी0आर0 आर्मी अस्पताल, नई दिल्ली से की है और उससे पहले वह तंगधार व र्दाचुला जैसी दुर्गम जगहों पर सेवाएं कर चुके हैं। साथ ही में वह मिलट्री अस्पताल, देहरादून में भी सेवाएं दे चुके हैं। इसके उपरान्त उन्होंने आर0आर0आर्मी अस्पताल, नई दिल्ली, वैंकटेश्वरा अस्पताल, देहली हार्ट एण्ड लंग इंस्टीट्यूट एवम् फोर्टिस अस्पताल, नई दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित अस्पतालों में बतौर कार्डियोलाॅजिस्ट सेवाएं दी हैं। इस अवसर पर डाॅं0 कर्नल सलिल गर्ग ने कहा कि सर्वोतम इलाज देने के साथ-साथ रोगी का विश्वास जीतना व उससे व्यक्तिगत मित्रवत रिश्ता बनाना भी अहम है। उन्होंने डाॅक्टरों के द्वारा रोगियों की बेहतरीन काउंसलिंग को इलाज का महत्वपूर्ण अंग बताया। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई कर रहे युवा छात्र-छात्राओं का आवाहन करते हुए कहा कि कार्डियोलाॅजी में सुपर-स्पेशलिटी न सिर्फ बेहतर कैरियर विकल्प है बल्कि मानव-सेवा का स्वर्णिम अवसर भी है। वहीं उन्होंने आम जनमानस का आहवाहन करते हुए कहा कि स्वस्थ-दिनचर्या व खान-पान स्वस्थ हृदय के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि योग, पैदल चलना व दौड़ना, तनाव व धूम्रपान से दूर रहना, संतुलित आहार व जीवन-शैली ही स्वस्थ हृदय का मूल-मंत्र हैं।
डाॅ0 सलिल गर्ग ने जानकारी दी कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, इंट्रावैस्क्युर इमेंजिंग, पेसमेकर इम्प्लांटेशन, फ्रैक्शनल स्लो रिर्जव, कार्डियक रीसिंक्रोनाइजेशन थैरेपी, कैथ स्टडी, डिवाइस क्लोजर, काॅंइल इमबोलाइजेशन, इको, टी0एम0टी0 होल्टर, कार्डिक सर्जरी सहित समस्त हृदय रोगों की जाॅच एवम् उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में ये सभी सुविधाएँ उनके व उनके साथी कार्डियोलाॅजिस्टों डाॅं0 तनुज भाटिया (कैथ लैब डायरेक्टर), डाॅ0 साहिल महाजन, डाॅ0 रिचा शर्मा एवम् कार्डिक सर्जनों डाॅ0 अशोक जयंत व डाॅ0 अरविन्द मक्कड़ जैसे कुशल व अनुभवी डाॅक्टरों की टीम की देखरेख में उपलब्ध है।