गुरु नानक देव के पुण्य दिवस पर ‘उडान’ स्कूल ने किये श्रद्धा सुमन अर्पित।

ऋषिकेशः निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान स्कूल मायाकुंड में आज गुरु नानक देव के पुण्य दिवस( 22सितम्बर 1539)के उपलक्ष्य में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको नमन किया गया।स्कूल के निदेशक डॉ राजे नेगी ने स्कूली बच्चों को सिख पंथ के इतिहास के साथ गुरुनानक देव महाराज के जीवन चरित्र पर जानकारी देते हुवे बताया कि गुरूनानक देव सिखों के प्रथम गुरु (आदि गुरु) हैं। ये दार्शनिक, योगी, गृहस्थ, धर्मसुधारक, समाजसुधारक, कवि, देशभक्त और विश्वबंधु- सभी के गुण समेटे हुए थे। कई लोगो का मानना है कि बाबा नानक एक सूफी संत भी थे।गुरु नानक जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने का प्रयास किया। डॉ नेगी ने कहा कि गुरु नानक देव महाराज ने विश्व में शांति,एकता व प्रेम की स्थापना के लिए सिख धर्म की स्थापना की थी।उन्होंने कहा कि गुरुनानक देव महराज का जीवन असहाय एवं जरूरतमंदो की सेवा को समर्पित था। इस अवसर पर उन्होंने बच्चो को गुरुनानक देव जी के बताए मार्ग पर चलने के साथ दीन दुखियों और जरूरतमंदो की सेवा करने का संकल्प भी दिलाया। इस अवसर पर स्कूल के संरक्षण समाजसेवी कमल सिंह राणा,प्रियंका कुकरेती,प्रिया क्षेत्री, मीनाक्षी राणा,मंजू देवी,रमेश लिंगवाल,आशुतोष कुड़ी,दीपिका पंत, पूजा नेगी,उत्तम असवाल उपस्थित थे।