जखोली में घटिया निर्माण से बना पुल एक बरसात भी नही टिक पाया कार्यदायी संस्था व प्रसाशन पर उठे सवाल।

रूद्रप्रयागः  विकासखंड जखोली मे बर्ष 2013 मे आये आपदा के दौरान ग्राम पंचायत गोरती के सौड़ नामी तोक मे सी सी पुलिया निमार्ण हेतु आपदा मद से 2 लाख 30 हजार रूपये की धनराशि आपदा मद से स्वीकृत की गयी थी।जिसका निर्माण कार्य वर्ष 2015 मे सी सी पुलिया का निर्माण कार्य पूर्ण करवाया गया।यह निर्माण कार्य विकासखंड कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियो की रेख देख मे पूरा करवाया गया। शूरूआती दौर मे कार्य को शूरू करवाने हेतु 1 लाख रू की प्रथम किस्त निकाली गयी। आलम यह है कि कि पुल निर्माण के चार माह बाद यानी 20 सितम्बर 2015 को बिना बरसात के दिन मे नीचे गिर गया।ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया मे भारी अनियमिततायें थी।तथा घटिया सामान का इस्तेमाल माल किया गया।जिस कारण से पुल चार माह मे ही क्षतिग्रस्त हो गया।

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ गुलाब सिह राणा धरमपाल सिह रावत पंचम लाल गोपाल शाह बिक्रम सिह राणा आदि ने खंडबिकास अधिकारी अवर अभियंता सहित तहसील प्रशासन पर भरष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुल मे अनियमितताओं के चलते क्षतिग्रस्त हो जाने तथा मजदूरों की मजदूरी के भुगतान के संबंध मे तथा यथाशीघ्र क्षतिग्रस्त पुल के जांच हेतु तत्कालीन जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को ज्ञापन दिया है गया था। लेकिन आज तक न ठेकेदार व कार्यदायी संस्था के खिलाफ कोई कारवाई नही गयी।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर यथाशीघ्र क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण नही करवाया गया तो ग्रामीणों को मजबूर होकर आंदोलन करने पर बाध्य होना पड़ेगा उन्होंने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग से क्षतिग्रस्त पुल की जांच तथा पुनः पुल को बनवाने की मांग की है।

रामरतन पंवार जखोली