माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ का शिक्षा निर्देशालय में धरना जारी

देहरादूनः उत्तराखंड में सरकारी शिक्षा की बदहाली किसी से छुपी नही है।एक ओर सरकारें अभी तक शिक्षकों को मोटी रकम देकर शिक्षा की गुणवक्ता व तकनीकी पक्ष सुधारने का दावा करती है वही सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या सरकारी दावों की पोल खोल रही है। हालत इतनी खराब है कि सरकार को हॉल ही में 10 से कम छात्र संख्या वाले 200 से अधिक माध्यमिक स्कूलों को बंद करना पडा है,साथ ही जूनियर और प्रायमरी स्कूल भी लगातार बंद होते जा रहे है। चिन्ता का विषय यह है कि कई स्कूलों की हॉलत यह हो गई है कि स्थानीय बच्चों की तादत शून्य हो चुकी है और प्रायमरी स्कूलों में बिहार व नेपाल मूल के बच्चे पढ़ रहे है।

पिछली सरकारों ने दूर दराज के क्षेत्रों मे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति सरकारी शिक्षा की गुणवक्ता सुधारने का प्रयास तो किया लेकिन अतिथि शिक्षकों को राम भरोसे छोड दिया है। जिनकी हालत अब प्रीपेड मोबाईल रिचार्ज के जैसे हो गई है जिन्हें 6 माह में एक बार वेतन देकर बच्चों का भविष्य संवारने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पिछले कई सालों से चल रही इस अव्यवस्था से तंग आकर माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने ननूरखेड़ा (देहरादून) स्थित शिक्षा निर्देशालय में एक सूत्रीय मांग को लेकर अनिशचितकालीन धरना शुरू कर दिया है।



अतिथि शिक्षक नेता राजपाल रावत का कहना है कि, हमनें पिछले तीन सालों में सूबे के दुर्गम से दुर्गम स्थानों पर सेवा दी है लेकिन हमारा हमेसा शोषण ही हुआ है हमें छः माह के लिए बुलाया जाता है और फिर हटा दिया जाता है। जबकि पहाडों में सभी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के लगभग10-10 पद खाली है,छात्र शिक्षकों की मांगों को लेकर सड़कों पर तक उतर आये है। 10 हजार पद शिक्षकों के खाली होने पर भी हमें यहां धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड रहा है। सरकार का अगर यही रूख रहता है तो हमें उग्र आन्दोलन के लिए मजबूर होना पडेगा।


गौरतलब है कि. माध्यमिक अतिथि शिक्षिक संघ पिछले आठ दिनों से शिक्षा निर्देशालय में अपनी एक सूत्रीय मांगों को लेकर क्रमिक धरना दे रहे है। उनका आरोप है, कि सरकार उन्हें बार बार कैबनेट बैठक में उनकी समस्या का समधान निकालने का झांसा दे रही है। लेकिन उन्हें हर बार ठगा जाता है। धरना प्रदर्शन के दौरान आन्दोलन कारियों ने सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की और जानबूझ कर अनदेखी का आरोप लगाया।
क्रमिक अनिश्चित कालीन धरना स्थल पर राकेश लाल,राजेश धामी,राजपाल रावत,अनिल चौहान,संदीप पंत,प्रमेन्द्र सिंह रावत,सुमित खत्री,सुनील सिंह ,हंसनाथ,महाबीर चौहान,असलम सिद्वकी,मोहित,हरीश आर्य,मिलन सिंह,रूपाली,गीताजलि,नीशी,सुचिता,आदि मौजूद रहे।
  -भानु प्रकाश नेगी,देहरादून