गढभोज ने बढाया देवभूमि का मान,दिल्ली इडिया गेट में उत्तराखंड टूरिज्म को कर रहा है रिप्रजेन्ट 

गढभोज यानी की विशुद्व पहाड़ी जैविक अनाजों से बने लजीज व्यंजन। उत्तराखंडी अनाजों से बने लजीज व्यंजनों के लिए देश और दुनियां में मसहूर हो चूके गढ़भोज रेस्टोरेन्ट ने आजकल दिल्ली इंडिया गेट पर स्टाल लगा है,जिसका देशी और विदेशी मेहमान जमकर मजा ले रहे है। 26 जनवरी से शुरू हुआ भारत पर्व के अवसर पर उत्तराखंड सरकार और उत्तराखंड टूरिज्म की ओर से रिप्रेजेंट करता गढ़भोज रेस्टोरेन्ट का आकर्षण अलग ही अंदाज में दिख रहा है।
गढ़भोज रेस्टोरेन्ट के संस्थापक लक्ष्मण सिंह रावत ने हिमवंत प्रदेश न्युज को फोन पर बताया कि नये क्रियेसन के लिए लोग अचंम्भित हो रहे है। हमारा उद्देश्य देश और विदेश में लोगों को पहाड़ी जैविक अनाजों के बारे में जानकारी देना और साथ ही इन अनाजों से बने खान-पान को प्रचारित-प्रसारित करना है। हमने नई पीडी के लिए इन अनाजों के नये-नये प्रयोग किये है। जिसमें झगोरे ओर कोदे का पीजा,झगोरे का कवाब,कण्डाली कवाब,आलू गहत टिक्की,पहाडी बेज थाली,झंगोरा खीर,कोदा गुलाब जामुन,अरसे,माल्ट,आदि प्रमुख है।यहां पर लोग इन जैविक उत्पादों को काफी पंसद कर रहे है। खास कर कोदे,झंगोरे और कण्डाली से बना पीजा की खासी डिमांड हो रही है और काफी मात्रा में बिक रहे है।
जैविक उत्पादों के प्रति लागों की रूचि और डिमांड को देखते हुये लक्ष्मण रावत काफी उत्साहित नजर आ रहे है। गौरतलब है कि पिछले साल जनवरी के माह में देहरादून राजपूर रोड़ पर इस रेस्टोरेन्ट को स्थापित किया गया था जो निरंतर पहाडी अनाजों से बने भोजन को देशी और विदेशी मेहमानों तक पंहुचा रहा है। जैविक उत्पादों के लिए मसहूर देंवभूमि उत्तराखंड का यह एक मात्र विशुद्व परम्परागत भोजनालय अपने आप में अनोखा रेस्टोरेन्ट है जहां हर तरह का पहाडी भोजन नये नये व्यंजनों के साथ पेस किये जाते है।
                                  -भानु प्रकाश नेगी, देहरादून