वनाग्नि को कंट्रोल करने के लिए वन विभाग ने किये बडे दावे,देखें इस खास रिपोर्ट में

71 प्रतिसत से अधिक वन क्षेत्रफल वाले प्रदेश उत्तराखंड में हर साल जंगलों में लगने वाली आग से अरबों रूपये की वन संम्पदा के साथ साथ यहां पाई जाने वाली 700 से अधिक जैवविविधता को नुकसान पंहचता है। वनाग्नि से न सिर्फ वायु प्रदूषण बढ़ता है बल्कि जंगलों में रहने वाले छोटे से लेकर बडे़ जीवों को भारी नुकसान होता है। यूं तो वन विभाग फायर सीजन से पहले ही फायर लाईन काटने और आग को बुझाने के लिए तमाम प्रकार के उपकरणों व यंत्रों की व्यवस्था की बात करता है लेकिन फायर सीजन के दौरान जंगलों में आग भड़कने से इन सब संसाधनो के दावे धरे के धरे रह जाते। लेकिन इस बार वन विभाग द्वारा आग को बुझाने के फायर बाल के अलावा कई आधुनिक उपकरण व 10 हजार फायरवाचरों की अस्थाई भर्ती करने बात कही जा रही है। जिससे वनाग्नि को कंट्रोल किया जा सके।