प्रदेश में खुलेगा पहला फाइबर ऑफ एक्सीलेंसी सेंटर।

उपेन्द्र सिंह


राज्य में खुलेगा देश का पहला फाइबर आफ एक्सीलेंसी सेंटर।जिसके लिए केंद्र सरकार ने राज्य को सहमति दे दी है….इस सेंटर से राज्य को नई पहचान तो मिलेगी ही साथ ही राज्य में रोजगार के नये आयाम भी खुलेंगे।

-उत्तराखंड में पाई जाने वाली वनस्पतियों के रेशे से नेचुरल फाइवर तैयार करने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड को नेचुरल फाइबर रिसर्च सेंटर की स्वीकृति दे दी है….ये सेंटर देश का पहला सेंटर जो राज्य के अल्मोड़ा जिले में खोला जाएगा….जिसके लिए केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है…इस सेंटर को नार्दन इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन के माध्यम से स्थापित किया जाएगा…सरकार ने सेंटर के लिए भूमि भी वस्त्र मंत्रालय को स्थानांतरित कर दी है। इस सेंटर से फाइबर पर कार्य करने वाले लोगों को नई दिशा मिलेगी।

यूँ तो उत्तराखंड के बॉस, कंडाली, भांग, भीमल, रामबांस के रेशे से तैयार कपड़ों की देश में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी डिमांड है। और राज्य में सबसे अधिक वनस्पतियां है जिनमे से रेशा निकाला जाता है।और सरकार का ये कदम अब उत्तराखंड के लोगों को नया रूप देगा। उद्योग विभाग के निदेशक की माने तो इस सेंटर को पर्यटन के साथ जोडने की बात की जा रही है जिससे उत्तराखंड में आने वाले पर्यटको को भी नेचुरल फाइबर के बारे में पता चल सके ।

-सेंटर बनने से राज्य में आने वाले पर्यटकों को नेचुरल फाइबर से तैयार उत्पादों के प्रति आकर्षित किया जायेगा….नेचुरल फाइबर को बढ़ावा मिलने से पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को आजीविका के नये संसाधन उपलब्ध होंगे…स्थानीय लोगों को नेचुरल फाइबर से आय प्राप्त होगी।