ईसीएचएस कार्ड रिन्युवल करने में क्यों छूट रहे है पूर्व सैनिकों के पसीने?

-सुनो,सुनो,पूर्व सैनिकों की पुकार।
– ईसीएचएस कार्ड रिन्यवल में करो मदद।
– कार्ड रिन्युवल आनलाइन होने से पूर्व सैनिक परेशान।

इन दिनों भूूतपूर्व सैनिकों की जान सांसत में है। गोली चलाने वाली उंगलियों को कंप्यूटर की की-बोर्ड पर थिरकना पड़ रहा है। लाख कोशिश करने पर भी कभी वेबसाइट दगा दे जाती है तो कभी फार्म भरना ही नहीं आता है। पूर्व सैनिकों के माथे पर पसीना ही पसीना है। पूर्व सैनिकों के अनुसार इस प्रक्रिया में ब्रिगेडियर राजू रावत भी असफल हो गये हैं। अब सच क्या है पूर्व सैनिक ही जानते हैं, लेकिन उनका मानना है कि यदि पाॅलीक्लीनिक पर यह व्यवस्था हो जाएं तो मुसीबत से पीछा छूटे, लेकिन एक पूर्व सैनिक अधिकारी कर्नल विक्रम भट्ट का कहना है कि पालीक्लीनिक पर कार्ड का रिन्युवल संभव नहीं है, लेकिन स्टेशन हाउस पर यह व्यवस्था हो सकती है। अब फौज के नियम-कायदे फौज ही जाने, लेकिन पूर्व सैनिकों के साथ ही वीरांगनाएं भी संशय की स्थिति में हैं। कोई मदद को तैयार हो तो प्लीज पूर्व सैनिकों की मदद करे। कोर्ट और निजी कैफे वाले पूर्व फौजियों को लूट रहे हैं। 500-500 रुपये लिए जा रहे हैं।
नोट- उपरोक्त ईसीएचएस कार्ड सिम्बोलिक है। इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है।

-गुणानन्द जखमोला, वरिष्ट पत्रकार