पर्यावरण बचाने की मुहिम में जुटी हिमवंत फाउंडेसन सोसायटी,गोबर गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां बनाकर चायना बाजार को दे रही है टक्कर

यूं तो पर्यावरण बचाने के लिए कई स्यंम सेवी संस्थायें और पर्यावरणविद् अपने अपने स्तर का कर रहे है लेकिन कुछ संस्थायें ऐसी है जो पूर्ण रूप से पर्यवरण संरक्षण के लिए जुटी है। इन्हीं में से एक संस्था है हिमवंत फाउंडेसन सोसायटी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोंदी की महात्वाकाक्षी योजना आत्मनिर्भर भारत से प्रेरित यह संस्था मंदिरों में सिन्थेटिक् चुन्नियों के स्थान पर काॅटन की चुन्नियों बनानें बाद दीपावली में पीओपी से बनी चायनीज गणेश लक्ष्मी की मुर्ति के स्थान पर शुद्व देशी गाय के गोबर से लक्ष्माी गणेश की मुर्तियां बना रही है।

इस संस्था की संस्थापिका संगीता थपलियाल का कहना है गोबर से बनी मुर्तियों को विर्सजित करने से पर्यावरण को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पंहुचता है।इससे पहले गणेश उत्सव के दौरान हिमवंत सोसायटी फाउडेसन गोबर के गणेश बना चुके है जो आम दिनों में पूजा के लिये भी प्रयोग किये जा रहे है।संस्था द्वारा गाय के गोबर से धूप,व कई प्रकार की पूजा साम्राग्री बनाई जा रही है जो पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में एक नायाब काम है। संगीता का कहना कि हमें हर हाल में पर्यावरण संरक्षण का प्रयास करना होगा साथ ही इस काम में कई लागों को भी रोजगार मिल रहा है।

Bhanu Prakash Negi