कौन बनेगा दून का मेयर?

नगर निगम चुनाव की रणभेरी बजते ही सूबे की सियासत में सर्द होते मौसम में गर्माहट आ गयी है।सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने भले ही मेयर के प्रत्यासी का नाम घोषित नहीं किया हो लेकिन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के करीबी व प्रदेश सचिव सुनील उनियाल ‘गामा’ का टिकट तय माना जा रहा है भले ही टिकट की जुगत में दूसरा नाम प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल का है।

मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस में पूर्व मंत्री व धर्मपुर विधायक दिनेश अग्रवाल का नाम मेयर पद से हटते ही अधिवक्ता पृथ्वीराज चौहान व नगर निगम की पूर्व नेता प्रतिपक्ष नीलू सहगल व अशोक बर्मा में से एक नाम तय माना जा रहा है।वही सभासदों के टिकट के लिय भाजपा व कांग्रेस में मंथन का दौर जारी है ।छुटभय्या नेताओं  ने पार्टी कार्यालयों में डेरा डालना शुरू कर दिया है एक ओर भाजपा ने भीतरघात करने वाले सदस्यों को टिकट देने से साफ इनकार कर दिया है वही कांग्रेस भी पुराना रिपोर्ट कार्ड देखकर ही प्रत्यासियों को टिकट देने की बात कर रही है।

निर्दलीय प्रत्यासियों में फिलहाल कोई खास चेहरा सामने तो नही आया है लेकिन भाजपा कांग्रेस से उब चुके दून वासी दमदार निर्दलीय मेयर प्रयासी मिलने पर अपना मूड न बदल दे इस बात की भी पूरी आशंका जताई जा रही है।अपने 10साल के कार्यकाल में एक भी खास उपलब्धि अपने नाम न कर पाने वाले पूर्व मेयर विनोद चमोली का खामयाजा भाजपा को मिलने की भी पूरी आशंका है ।अगर भाजपा निकाय चुनाव में सही प्रर्दशन या जीत हासिल नही कर पाती है तो इसका ठीकरा सीएम रावत व विनोद चमोली के सिर फूटना तय है।ऐसे मे सत्ताधारी पार्टी भाजपा के लिये यह दोहरी चुनौती से कम नहीं है।अब देखने वाली बात यह होगी कि निकाय चुनाव का ऊंट किस करवट बैढता है

 –भानु प्रकाश नेगी,देहरादून।