कूडे़ के ढे़र में तब्दील हुआ दून

पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हडताल के कारण देहरादून शहर के मुख्य मार्गो पर कूढे के जगह-जगह ढेर लग गये है जिससे आने-जाने वाले आम आदमी का जीना मुस्किल हो गया है। अपनी मांगांे पर आडे नगर सफाई कर्मीयों को कहना है कि जब तक उनकी मांगें नही मानी जायेगी तब तक वो काम पर नही लौटेगें और नही किसी अन्य संस्थाओं को शहर का कूडा उठाने देगें। नगर कर्मियों और सरकार के बीच चल रही तनातना का खामियाजा आम आदमी को भुगतना पढ रहा है। कूडे के ढेर के कारण शहर के कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था भी अव्यवस्थित हो रही है।


एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान के तहत पूरे देश को स्वच्छ बनाने की जी तोड कोशिस में लगे है वहीं इस अभियान पर इन्हीं की पार्टी की सरकारें पलीता लगाती नजर आ रही है।जिन सफाई कर्मचारियों के भरोसें सरकार स्वच्छ भारत अभियान चला रही है,उन्हीं की मांगों को नही माना जा रहा है। सफाई क्रमिकों का कहना है कि हर बार सरकारें हमें हमारी मांगों पर आस्वासनों का लाॅलीपाॅप थमा देती हैै लेकिन हमारी मांगों को कभी भी गंम्भीरता से नही लिया जाता है।जिससे सफाई क्रमिकों में भारी रोष पैदा हो गया है। गर्मी के चरम स्तर पर होने के कारण कूडे के सडने से कई प्रकार की महामारी फैलने की आशंका देहरादून शहर में बड गई है।