महिला सशक्तिकरण: दून में खादी व सूती बहुउद्देशीय बाजार की शुरुआत

अब दून में खादी हाट
एक ही छत के नीचे सब कुछ
बहुद्देश्यीय बाजार की हुई शुरुआत
महिलाओं को दिया जा रहा बढ़ावा
देहरादून.



खादी हाट बहुद्देश्यीय बाजार का शुभारंभ शनिवार को राजपुर रोड पर हुआ। इस मौके जल प्रबंधन मंत्री सतपाल महाराज, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ हरक सिंह रावत और कृषि एवं रेशम विकास मंत्री सुबोध उनियाल ने इस बहुद्देश्यीय बाजार की शुरुआत रिबन काटकर की और कहा कि महिलाओं के बनाए उत्पादों को बाजार देने के लिए बेहद ही खास पहल की गई है।
उत्तराखंड बैम्बू बोर्ड, ग्राम्य श्री, उत्तराखंड सिल्क फैडरेशन, उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के सहयोग से खादी व सूती से बने उत्पाद खादी हाट बहुद्देश्यीय बाजार राजपुर रोड में खुल गया है। इस दौरान पर्यटन मंत्री ने कहा कि महिलाओं के परिश्रम व उनके हुनर के चलते यह सब हो पाया है। जंगल खेती व उनसे बने उत्पाद को देहरादून में प्रदर्शित किया जा रहा है। जिन ग्रामीण महिलाओं को उत्पाद बेचने के लिए बाजार नही मिल पाता था उन्हें हाट बाजार से मदद मिल सकेगी। वहीं, वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि महिलाएं अपने उत्पाद बाजार में बेच सकेंगी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इस मौके पर खादी हाट की संचालक कविता व सोनकर सिंह ने बताया कि उत्तराखंड महिला समेकित विकास योजना के तहत प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं के उत्पाद यहां पर बेच सकेंगी। मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एक प्लेटफार्म पर खादी के उत्पाद और महिलाओं को यूं मंच देने की इस पहल की हम सराहना करते हैं। मॉडल अनुकृति गुसाईं भी खादी हाट पहुंची औऱ महिलाओं के बनाये प्रोडक्ट्स देखे।इस मौके पर कॉपरेटिव रेशम फेडरेशन की एमडी रमिन्द्री मंद्रवाल, निखिल, हिना, राहुल श्वेता, अमन, मीरा, अनिरुद्ध मदान आदि मौजूद रहे।
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पहली बार रेशम की साड़ी
कॉपरेटिव रेशम फेडरेशन की एमडी रामिन्द्री मंद्रवाल ने बताया कि पहली बार उत्तराखंड में रेशम की साड़ी बनाई गई है। बताया कि इसका धागा प्योर तरीके से महिलाओं के द्वारा तैयार किया जाता है, जिससे सिल्क की साड़ी बनाई जाती है। जिसके रेट भी बहुत रीजनेबल रखे गए हैं। यहां स्टॉल, शोल, मफलर, वेस्ट कोट भी लाये गए हैं। इसके साथ ही यहाँ बैम्बू, कैंडल्स, आचार आदि प्रोडक्ट्स भी उपलब्ध हैं