दून इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर ‘सदैव दून’ का लोकार्पण

मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को आईटीडीए, आईटी पार्क सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में 234.85 करोड़ रूपये की लागत से बने स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत दून इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर ‘सदैव दून’ का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में बनाने की योजना देश के सामने रखी है। यह सौभाग्य की बात है कि उत्तराखण्ड आज इसमें 25वें स्थान पर है, जबकि स्मार्ट सिटी की चौथी सूची में इसे सम्मिलित किया गया। देहरादून देश की पहली ऐसी स्मार्ट सिटी होगी, जो पूर्ण रूप से स्मार्ट सिटी होगी। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर उनका स्मरण करते हुए घोषणा की कि स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत देहरादून का जो कलक्ट्रेट भवन बन रहा है। उस भवन का नाम  श्री अटल बिहारी वाजपेयी भवन रखा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत स्थापित किये गये दून इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर ‘सदैव दून’ से ट्रेफिक निगरानी, प्रदूषण के स्तर को नापने, सर्विलांस सिस्टम, वाई-फाई एवं अन्य तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। देहरादून की अनेक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने में भी यह सेंटर मदद करेगा। वर्ष 2021 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ में भीड़ प्रबंधन एवं अन्य गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए यह सेंटर मददगार साबित होगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्मार्ट सिटी के साथ ही हमें स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा। सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम के लिए देहरादून की जनता ने अच्छा सहयोग दिया है। प्लास्टिक की रोकथाम के लिए जो मानव श्रृंखला बनाई गई उसके अच्छे परिणाम मिले हैं। देहरादून में पॉलीथीन के इस्तेमाल में 75 प्रतिशत तक की कमी आई है। आज वेस्ट को बेस्ट में बदलने की जरूरत हैं पेट्रोलियम संस्थान में पॉलीथीन से डीजल बनाया जा रहा है। स्वच्छता के प्रति व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि सूर्यधार परियोजना मई तक पूर्ण हो जायेगी। जिससे 29 गांवों को ग्रविटी वाटर उपलब्ध होगा। सोंग एवं जमरानी बांध परियोजनाओं से देहरादून एवं हल्द्वानी को पूर्ण ग्रेविटी वाटर उपलब्ध होगा। इन परियोजनाओं से सालाना 200 करोड़ रूपये की बिजली की बचत होगी।