धरना प्रदेश बना उत्तराखंड?

आन्दोलन के गर्भ से जन्मा उत्तराखंड में यूं तो राज्य गठन से ही विभिन्न संगठन और सरकारी कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर सड़को पर उतरते रहे है और सरकारों से अपनी मांगों को मनवाते रहे है। लेकिन विगत कुछ सालों से हडताड़ करने वाले सरकारी/गैरसरकारी संगठनों की तादात बढती जा रही है। महीनों तक अपनी मांग के लिए क्रमिक धरना और अनसन करते इन संगठनों ने सरकारी बेरूखी के चलते कठिन हालात झेले है। जिसका सरकारी/गैरकारी कामकाज पर बुरा प्रभाव पढना लाजमी था।

वर्तमान समय की बात करे तो लगभग एक दर्जन से अधिक संगठन अपनी विभिन्न मांगों के लेकिर सड़को पर उतरे है जिनमें बेरोजगार संगठन को पुलिस की वर्बता भी झेलनी पडी है।आॅटो रिक्सा चालक भी अपनी मांगों को लेकर सडकों पर है और सचिव साधन समिति पिछले 38 दिन से अपनी 6 सूत्रीय मंाग को लेकर अडिग है। क्या कहना है विभिन्न संगठनों का अपनी मांगो को लेकर देखिये इस विडियों में।

                                                       -भानु प्रकाश नेगी ,देहरादून