स्वास्थ उप- केन्द्र धनौल्टी की हालत खराब।

मोहन थपलियाल, नैनबाग


धनौल्टी: ग्रामीण क्षेत्र में उचित स्वास्थ्य सुविधा का लाभ पहुंचाने के लिए शासन- प्रशासन बड़े बड़े दावे करती आ रही है । लेकिन यहां के सरकारी जर्जर भवन  से आम जनता को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नही मिल रहा है।
जनपद के प्रखंड जौनपुर के तहत पर्यटन नगरी धनोल्टी का राजकीय स्वास्थ उपकेन्द्र लगभग विगत 35 सालों से एक ही जीर्ण शीर्ण  भवन में चल रहा है।

गौरतलब है  कि, पर्यटन नगरी धनोल्टी में स्थानीय के आस पास कि लगभग 10 हजार की आबादी सहित प्रति दिन सैकडों पर्यटक इस स्थल में शहर सपाट करने आते ह्रै। लेकिन स्वास्थ सुविधा जैसी अहम सेवा न मिलने से आम जनता को भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है।
सरकार के स्वास्थ सुविधाओं के बडें बड़े दावे मात्र हवाई सवित होने पर जनता अपने को ठगा सा महसूस कर रही है ।
वही दूरवर्ती गांव से  बीमार लोगों को छोटे मोटी जांच के लिए भी मजबूरी में 30 से 80 किमी चम्बा, मसूरी व देहरादून जाना पड़ता है।  जिससे समम के साथ भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है ।
मुख्य बात है कि विगत पांच साल से धनोंल्टी में विर्माणधीन भवन का निर्माण चल तो रहा है पर  कछुवा की गति से जिससे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है।
स्थानीय प्रधान सुमित्रा बेलवाल,क्षेत्र पंचायत सदस्य तपेन्द्र बेलवाल,कुलदीप नेगी,देवेन्द्र वेलबाल आदि का कहना है कि ग्राम पंचायत ने स्वास्थ केन्द्र के लिए भूमि दान दी है।लेकिन खस्ताहाल एक भवन में संचालित केन्द्र में आम जनता की स्वास्थ सुविधा का लाभ नही मिल रहा है। कार्यदांई संस्था की घोर लापरवाही के चलते निर्याणधीन भवन तीन सालों से अधर में लटका हुआ है।


चिकित्साधिकारी टिहरी
राजकीय स्वास्थ उपकेन्द्र धनोल्टी निर्माधीन चल रहा पूर्ण होने पर नये भवन में उपकेन्द्र संचालित कर दिया जायेगा.