दिल्ली पुलिस में कार्यरत उत्तराखंड के बंसत बल्लभ की सेवा को सलाम

दिल्ली पुलिस में कार्यरत उत्तराखंड के बंसत बल्लभ जोशी की सेवा को सलाम, लॉकडाउन में फंसे लोगों को रोज खिला रहे है खाना

आज पूरा देश कोरोना वायरस के खतरे से सहमा हुआ है। देश समेत अन्य कई देशों में लोगों का अमूल्य जीवन दांव पर लगा हैं। ऐसे में सरकार भी काफी सजगता से कार्य कर रही हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का एलान किया है। जिसके बाद पूरा देश एकजुट हो कर सामने आया है। इस विकट परिस्थिति में असहाय लोगों की मदद के लिए समाज के सभी वर्गों के लोगों ने भी हाथ बढ़ाए है।

इस लीक में कोविड-19 की विकट परिस्थिति में दिल्ली में जगह-जगह फंसे गरीब एवं असहाय लोगों के लिए दिल्ली पुलिस में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी बंसत बल्लभ जोशी सशक्त आवाज बनकर खड़े है।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के जाजरदेवल निवासी और दिल्ली पुलिस में पिछले 30 वर्षों से कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी बसंत बल्लभ जोशी पिछले कई दिनों से हर रोज अपने बच्चों नितीन जोशी और पीयूष जोशी की किचन से 350 से 400 फूड पैकेट्स पैक कर दिल्ली के अलग-अलग कोने में फंसे गरीब और असहाय लोगों तक पहुंचा रहे है। श्री जोशी सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन करते हुए अपने परिवार के साथ दिल्ली के अलग-अलग थानों में जाकर फूड पैकेट्स वितरण कर इस संकट के समय में बसंत जोशी दिल्ली के सरोजनी नगर,त्रिलोक पुरी और कड़कड़डूमा क्षेत्रों में स्थिति थानों के माध्यम से सड़कों और झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों तक निरंतर फूड पैकेट्स पहुंचा रहे है। उनकी इस सेवा के लिए उत्तराखंड के तमाम सामाजिक संगठन,दिल्ली पुलिस के अधिकारी और गरीब एवं असहाय लोगों कोटि-कोटि आभार व्यक्त कर रहे है।

बसंत जोशी इस बारे में बताते हैं कि मेरे दोनों बेटे नोएडा से में अपनी एक छोटी से किचन चलाते है। कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए सरकार द्वार लॉकडाउन की घोषणा की गई है। जिसके चलते दिल्ली एवं नोएडा में जगह-जगह बड़ी संख्या में हर रोज कमा के खाने वाले मजदूर जहां-तहां फंसे हुए है। इन लोगों की मदद के लिए तमाम सामाजिक संगठन और सरकारें आगे आई है। इस कड़ी में हमने भी निर्णय लिया की हम अपने बच्चों की किचन के माध्यम से इन लोगों के लिए हर रोज भोजन की व्यस्था करें। ताकि कोई भी व्यक्ति इस संकट के समय में भूखा न रहे है।

इसके लिए हम नोएडा एवं दिल्ली में हर रोज लगभग 400 फूड पैकेट्स सड़क और झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे गरीब एवं असहाय लोगों को तक पहुंचा रहे है। इसमें मुझे अपने परिवार और दिल्ली पुलिस के तमाम सहयोगियों का साथ मिल रहा है। जिनके सहयोग से हम सेवा के इस पथ पर चल पा रहे है।