कोरोना का खौफ- वन्य जीव को लेकर उत्तराखण्ड में हाई एलर्ट

वन्यजीवों को लेकर उत्तराखण्ड में हाई एलर्ट

न्यूयॉर्क में स्थित ब्रोंक्स जू (चिड़ियाघर) में एक बाघ में कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आने से दुनियाभर में वन्य जीवों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। यह पुष्ट हो चुका है कि यह जानलेवा वायरस मानव के जरिये वन्यजीवों अथवा पशुओं में भी संक्रमित होता है। इसे देखते हुये केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने सभी प्रदेशों के मुख्य वल्य जीव प्रतिपालकों को एडवाइजरी जारी कर हाई एलर्ट पर रहने को कहा है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड के सभी नेशनल पार्क, वन्य जीव विहार और चिड़ियाघरों में हाई एलर्ट घोषित किया गया है।
भारतीय केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि ‘देशभर के चिड़ियाघरों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी लक्षण व असामान्य व्यवहार के लिए सीसीटीवी के माध्यम से प्रतिदिन चौबीस घण्टे जानवरों की निगरानी करें और न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स जू में बाघ को हुए कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर हाई अलर्ट पर रहें। बता दें कि अमेरिका की न्यूयॉर्क सिटी में एक टाइगर कोरोना वायरस (कोविड-19) पॉजिटिव पाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि टाइगर जू के किसी कोरोना वायरस पॉजिटिव कर्मचारियों के संपर्क में आने के बाद इस संक्रमण का शिकार हुई है.

उत्तराखण्ड के नेशनल पार्क

_ कार्बेट नेशनल पार्क

_ नन्दादेवी नेशनल पार्

_ फूलों की घाटी

_ राजाजी नेशनल पार्क
_ गंगोत्री नेशनल पार्क
_ गोविन्द नेशनल पार्
उत्तराखण्ड में स्थित वन्य जीव विहार
_ गोविन्द पशु विहार
_ केदारनाथ वन्य जीव विहा
_ अस्कोट वन्य जीव विहार
_ सोना नदी वन्य जीव विहार
_ विनसर वन्य जीव विहार
_ बिनोग माउंटेन क्लेव वन्य जीव विहार।
‘राज्य के सभी नेशनल पार्क, वन्य जीव विहार और चिड़ियाघरों में हाई एलर्ट घोषित कर दिया गया है। रातदिन वन्यजीवों की मॉनीटरिंग की जायेगी। सभी एहतियात करते जाने के निर्देश दिये गये हैं’।
_ राजीव भरतरी, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखण्ड
भारत के इन तीन लैबों में होंगे वन्यजीवों व पशुओं के कोरोना वायरस टेस्ट
1_ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (एनआईएसएडी), भूपाल, मध्य प्रदेश।
2_ नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन इक्वाइंस (एनआरसीई), हिसार, हरियाणा।
3_ सेंटर फॉर एनिमल डिजीज रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक (सीएडीआरएडी), इंडियन वेटेनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई), बरेली, यूपी

-वरिष्ठ पत्रकार दीपक फरस्वान