कौन बनेगा कोरोनेसन अस्पताल का अगला सीएमएस? संभावित सीनियरों में 12 डॉक्टरों के नामों की सुगबुहाट।

कारोनेसन अस्पताल के सीएमएस सीनियर सर्जन डॉ ललित चन्द्र पुनेठा के रिटार्यड अगले माह 31 अक्टुबर में तय होने के बाद संभावित सीएमएस के लिए कई सीनियर डॉक्टरों के नाम स्वास्थ्य निर्देशालय में तौर रही है।जिसमें डॉ चौहान,डॉ.डी.पी जोशी,डॉ एस डी जोशी,डॉ एस के. झा,डॉ.एस.के खत्री,डॉ एन एस तोमर,डॉ पुजारी,डॉ मीनाक्षी जोशी,डॉ पदमा रावत,डॉ कैलास जोशी,डॉ चक्रपाणी सामिल है।


गौरतलब है कि कोरोनेसन अस्पताल डॉ पुनेठा के नेतृत्व में दो बार कायाकल्प के पुरस्कार से नवाजा जा चुका हैं। डॉ पुनेठा का कहना है कि मेरी कोशिस रही है कि मै हमेसा अपने कर्मचारियों व डॉक्टरों का हर संभावित मदद और उनकी समस्याओं का समाधान कर सकू। तमाम अभावों के बावजूद सभी कर्मचारियों के बीच तालमेल बैठाना काफी मुस्किल होता है लेकिन व्यवस्था बनाने से व एक दूसरे की समस्याओं को समझने से अभी तक सभी लोग अपना काम जिम्मेदारी से कर रहे। कुल 122 कर्मचारियों के स्टाफ में सिर्फ 5 लोग ही है जो लाख समझाने पर भी नही समझते है। बाकी 117 कर्मचारी व डॉक्टरों को जो भी काम दिया जाता है वह बडे सिद्दत के साथ करते है।


वही सूत्रों की माने तो गांधी नेत्र चिकित्सालय के सीएमएस बरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ बीसी रमोला को पदोन्नति मिलने के की जल्द संभावनाओं के मध्य ए.डी रैंक की पोस्ट मिल जायेगी जिससे उनका कोरोनेसन अस्पताल में सीएमएस बनाना तय है। डॉ रमोला वर्तमान समय में गांधी नेत्र चिकित्सालय के सीएमएस पद की जिम्मेदारी भी निभा रहें है। इसलिए यह तय माना जा रहा है कि इस पद पर सबसे पहला हक डॉ रमोला का ही है। डॉ रमोला का कहना है कि उन्हें अब आभावग्रस्त अस्पताल चलाने की आदत सी हो गई है।निदेशालय से कुछ भी मांगने पर फाईल कई महिनों तक चक्कर लगाती रहती है लेकिन वित्त की व्यवस्था नही हो पाती है। जिसके कारण अस्पताल को व्यवस्थित करने में भारी समस्याओं का सामना करना पड रहा है।


बहरहाल कौन बनेगा सीएमएस कोरोनेसन अस्पताल यह तो स्वास्थ्य निदेशालय व सरकार के गर्भ में है,लेकिन इस पद को हासिल करने के लिए प्रदेश भर से सीनियर डॉक्टरों ने अभी से अपनी अपनी जुगत लगाने शुरू कर दी है। देखने वाली बात यह होगी की कौन इस कुर्सी का विराजमान होता है।