चिन्यालीसौड़ के 8 वर्षीय आईस के लिए देवदूत बने बरिष्ठ न्यूरो सर्जन डाॅ.महेश कुडियाल

उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों की स्वास्थ्य सेवायें की बदहाली किसी से छुपी नहीं है। लेकिन पहाड़ के उन लाचार बेबस और बेसहारा लोगों के लिए समस्या तब और भी ज्यादा गंभीर बन जाती है जब प्रदेश के नामी अस्पताल आपताकाल में भी लोंगों का इलाज करने के लिए भटका देते है।ताजा वाकिया चिन्यालीसैड निवासी 8 वर्षीय आईस का है जो छत कुर्सी लाते वक्त सीडिंयों से गिर पडा। जिससे उसके सिर गंभीर चोट आ गई। आनन फानन में उसके परिजन उसे ऋषिकेश एम्स ले आये जहां उसके इलाज के लिए आना कानी करी गई। उसके परिजन उसे देहरादून के राजकीय कोरोनेसन अस्पताल ले आये जहां आभाव के कारण उसका इलाज नहीं हो पाया। बच्चे की हालत बिगड़ते देख परिजन उसे फिर सीएमआई अस्पताल ले आये यहां आने तक वह बेहोश हो चुका था। ये कहानी का पता जब सीएमआई अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन महेश कुडियाल को चला तो वह दिनभर मरीजों के आॅपरेसन की थकान के बाद भी तत्काल रात्रि 11 बजे बच्चे का आॅपरेसन किया और उसकी जान बचाई।


डाॅं कुडियाल का कहना है कि बच्चे के दिमाग में खून जम गया था अगर तत्काल आॅपरेशन नहीं होता तो बच्चे की जान चली जाती। बच्चे का परिवार के पास उसके आॅपरेसन और दवाई के लिए पैसा नहीं होने के बाद भी मानवता के नाते बच्चे की जान बचाई गई है। बच्चा अभी अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत ठीक है।
डाॅ महेश कुडियाल के द्वारा किये गये इस नेक काम की जहां हर जगह प्रसंसा हो रही है वही बच्चे के परिवार ने डाॅक्टर कुडियाल द्वारा की गई इस खास मदद पर उनका आभार जताया है। आपको बता दे कि डाॅ. महेश कुडियाल भारत के जाने माने न्यूरो सर्जन है,जिन्हें अभी तक कई सम्मान भी दिये जा चुके है। दिन रात मरीजों की सेवा में जुटे होने के बाद भी समाजसेवा के लिए हर वक्त तत्पर रहते है।

Bhanu Prakash Negi