चार धाम यात्रियों के लिए यह खबर खास है l

अगर आप चार धाम यात्रा पर जा रहे हो तो यह खबर आपके लिए खास है। गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय के सयुक्त निदेशक   डाॅ बी सी रमोला बताते है कि एक बैज्ञानिक तथ्य के अनुसार कम घनत्व वाले स्थानों से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को एकदम न जाकर धीरे धीरे जाना चाहिए ताकि उनका शरीर कम आक्शीजन के लिए अभ्यस्त हो सके। आजकल के यात्री एक ही दिन में बद्र्रीकेदार के दर्शन करना चाहते है जो बैज्ञानिक तौर पर गलत है। डाॅ रमोला के अनुसार सरकार को तमाम मीडिया के माध्यम से यात्रीयेां के लिए जनजागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।

क्योकि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जहां आक्सीजन की कमी होती है वहां पर एक्युड माउंटेन सिक्नेस नामक बीमारी अक्सर लागों को हो जाती है। जिससे ब्रेन,हार्ट,लंग्स,किडनी, में दिक्कत आती है। इसी कारण से यात्रियों की अकाल मृत्यु हो जाती है। अगर यात्री धीरे धीरे चार धाम यात्रा पर पडाव बना कर चले तो इस तरह की दिक्कतें उन्हें नही आयेगी और इससे प्रदेश की आय में भी बडोतरी होगी।राज्य सरकार को इस ओर अधिक ध्यान देने की आवश्कता है।