क्रांन्तिकारी चन्द्रशेखर की पुण्यतिथि पर ‘उड़ान’ स्कूल ऋषिकेश ने किया ‘आजाद’ को याद

मायाकुंड  ऋषिकेश निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान में आज महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको नमन किया गया।

इस अवसर पर स्कूल के संचालक डा राजे सिंह नेगी ने कहा कि आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर देने वाले चंद्रशेखर आजाद एक क्रांतिकारी थे। उन्होंने 27 फरवरी, 1931 को इलाहाबाद के एलफेड पार्क में खुद को गोली मार ली थी. 1920 में 14 वर्ष की आयु में चंद्रशेखर आजाद गांधी जी के असहयोग आंदोलन से जुड़े,वे गिरफ्तार हुए और जज के समक्ष प्रस्तुत किए गए, जहां उन्होंने अपना नाम ‘आजाद’, पिता का नाम ‘स्वतंत्रता’ और ‘जेल’ को उनका निवास बताया. आजाद को 15 कोड़ों की सजा दी गई थी. चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई, 1906 को मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के भाबरा नामक स्थान पर हुआ था. आजाद कम उम्र में भारत की आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए थे. मां चंद्रशेखर आजाद को संस्कृत शिक्षक बनाना चाहती थी, जिसके चलते उनके पिता ने उनको बनारस के काशी विध्यापीठ भेज दिया था.
जिस वक्त चंद्रशेखर आजाद पढ़ाई कर रहे थे उसी वक्त जलियावाला कांड हो गया. जिसके बाद वो 1920 असहयोग आंदोलन से जुड़ गए।आजाद रामप्रसाद बिस्मिल के क्रांतिकारी संगठन हिंदुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन से जुड़े, यहां से उनकी जिंदगी बदल गई

. उन्होंने सरकारी खजाने को लूट कर संगठन की क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए धन जुटाना शुरू कर दिया. उनका मानना था कि यह धन भारतीयों का ही है जिसे अंग्रेजों ने लूटा है।रामप्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में आजाद ने काकोरी षड्यंत्र (1925) में सक्रिय भाग लिया था।इस मौके पर प्रिया क्षेत्री,प्रियंका कुकरेती,प्रतिभा रावत,कंचन नेगी,दीपा सेमवाल,उत्तम असवाल,मयंक भट्ट,आरती बहुगुणा,दिव्या चमोली,पूजा पंवार आशुतोष कुडीयाल उपस्थित थे।