पोखरी(चमोली) :विकास कार्यों में रोड़ा अटका रहे हैं अधिशासी अभियंता

चमोली: पोखरी नगर पंचायत कार्यलय में नगर पंचायत अध्य्क्ष और अधिसाशी अधिकारी के बीच तनातनी बढ़ती ही जा रही है।जिसका खिमायाजा नगर क्षेत्र के लोगो को नगर में विकास की धीमी पड़ रही गति से उठाना पड़ रहा है।अधिसाशी अभियंता के मनमाने रवैये के चलते यंहा के नगर पंचायत अध्य्क्ष और पार्षद खासे परेशान है।उन्होंने आरोप लगाया कि नगर के अधिशासी अधिकारी के द्वारा बोर्ड बैठक में प्रस्तावित कार्यो को दरनिकार कर नगर में अपनी मनमामी से कार्य करवाए जा रहे है।

पोखरी नगर पंचायत के सभासद जब अपने वार्डो में ठप्प पड़े विकास कार्यो की शिकायत को लेकर नगर पंचायत कार्यलय में गए तो ,अधिशासी अधिकारी ने उनकी एक न सुनी ,काफी देर तक नगर के चुने हुए सभासद अधिशासी अधिकारी के दरवाजे के सामने नियमानुसार कार्य करने को लेकर गिड़गिड़ाते रहे।हद तो तब हो गई जब कई बार नगर पंचायत अध्य्क्ष के द्वारा कई बार अधिसाशी अधिकारी को अपने केबिन में बुलाने भी वह नही पहुंचे।जिसके बाद नगर अध्य्क्ष पोखरी खुद अपनी कुर्सी छोड़कर अधिसाशी अधिकारी के केबिन के दरवाजे पर खड़े होकर सभासदों की मांग मानने की गुहार अधिसाशी अधिकारी से लगाने लगे। लेकिन अधिसाशी अधिकारी का शिष्टाचार तो देखो नगर पंचायत अध्य्क्ष दरवाजे पर खड़े खड़े ही गुहार लगाते रहे ,लेकिन वह अपनी कुर्शी से टस से मस नही हुए।

नगर पंचायत अध्य्क्ष पोखरी का कहना है कि नगर के अधिसाशी अधिकारी के मनमामे रवैये के चलते नगर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे है।साथ ही अधिशासी अधिकारी ने नियमो को ताक पर रखकर एक अपने रिश्तेदार की नियुक्ति नगर पंचायत कार्यलय में की है।उनके द्वारा बताया गया कि अधिसाशी अधिकारी द्वारा नगर में करीब 28 लाख के कार्य नियमविरुद्ध किये गए है।जिसपर की उन्होंने शहरी विकास सचिव को जांच को लेकर पत्र लिखा है।मामले पर नगर के अधिसाशी अधिकारी का कहना है कि उनपर अध्य्क्ष के द्वारा बेबुनियाद आरोप लगाए गए है,उनके द्वारा कोई भी नियुक्ति नही की गई है।और न ही कोई भरस्टाचार किया गया है ,वह हर किसी जांच के लिए तैयार है।

Sandeep kumar