चमोलीःदेवाल पशु चिकित्सक सावन पंवार पर घर बैठे वेतन लेने का संगीन आरोप,विभागीय अधिकारी मौन!

देवाल पशु चिकित्सा केंद्र में पशुचिकित्साधिकारी के पद पर तैनात सावन पंवार लगता है
अपनी लापरवाहियों से बाज नही आने वाले ,लगातार अस्पताल से गायब रहने वाले डॉक्टर
साहब की मनमानी के आगे लगता है कि किसी की भी नही चलती है ,विभाग के आला
अधिकारी भी लापरवाह डॉक्टर पर कार्यवाही की बात तो करते हैं कार्यवाही के आदेश भी करते हैं
वेतन तक रोकते हैं लेकिन साहब पर लगता है इन हल्की फुल्की कार्यवाहियों का कोई बड़ा असर
नही पड़ता ,लापरवाही का आलम ये है कि साहब महीने में एक दिन कुछेक घंटे के लिए
चिकित्सालय पहुंच कर अपनी महीने भर की उपस्थिति रजिस्टर में भर देते हैं ये पिछले तीन
सालों से चल रहा है ,हद तो तब हो गई कि पिछले माह यानी जून की 13 तारीख से डॉ
सावन पंवार लागातार अस्पताल से अनुपस्थित चल रहे थे जिसकी जानकारी अस्पताल में तैनात
कर्मियों ने भी मीडिया को दी थी , बाकायदा अस्पताल कर्मियों ने मीडिया बाइट में इस बात को
कबूला था कि डॉ सावन पंवार जून माह की 13 तारीख से अस्पताल से गायब हैं और हरिद्वार
में हैं लेकिन जुलाई माह की शुरुआत में जब देवाल विकासखण्ड के ब्लॉक प्रमुख अचानक
निरीक्षण के लिए अस्पताल पहुंचे तो जो जानकारी सामने निकल कर आई वो चौकाने वाली है
,अस्पताल के जिस हाजिरी रजिस्टर में डॉ साहब पिछले माह की 13 तारीख़ से लापता थे अब
उन्ही पन्नो में हाजिरी भरी जा चुकी है इसकी पुष्टि खुद अस्पताल में तैनात स्टाफ ने भी
बातचीत में की है.

अस्पताल स्टाफ ने बताया कि सोमवार यानी 6 जुलाई को डॉ सावन पंवार देवाल पशु
चिकित्सालय पहुंचे और आधे घंटे तक अस्पताल में रहने के बाद ,अपनी अगले दिन की भी
हाजिरी भरने के बाद फिर रफूचक्कर हो गए ,लापरवाही की हद ऐसी है कि 7 जुलाई की हाजिरी
भी 6 जुलाई को ही भर दी जा रही है डॉ सावन पंवार की इन लापरवाहियों से पशुपालन विभाग
के आला अधिकारी भी अवगत हैं ,जिला पशु चिकित्साधिकारी से लेकर पशुपालन विभाग के
निदेशक तक डॉ सावन पंवार के कारनामो पर कार्यवाही की पत्रावली बना चुके हैं लेकिन लगता
है देवाल पशु चिकित्सालय में तैनात डॉ सावन पंवार अपने कारनामो से बाज नही आने वाले

अब अनुपस्थिति के दौरान भी उपस्थिति दर्ज करने वाले इस डॉ पर पशुपालन विभाग क्या
कार्यवाही करता है ये देखने वाली बात होगी लेकिन जानकारी ये भी सामने निकल कर आई है
कि लॉकडाउन अवधि में खुद पशुपालन विभाग की मंत्री रेखा आर्य की सिफारिश पर डॉ सावन
पंवार को हरिद्वार अटैच करने के निर्देश दिए जा चुके हैं अलबत्ता विभागीय मंत्री क्यो ऐसे
लापरवाह अधिकारियों पर मेहरबान है ये समझ से परे है समझने वाली बात ये भी है कि अगर
डॉ सावन पंवार का वाकई अटैचमेंट हरिद्वार कर दिया गया है तो फिर डॉ सावन पंवार हाजिरी
भरने देवाल क्यो आते हैं और अगर देवाल में ही उनकी तैनाती है तो फिर पशुपालन विभाग की
मंत्री के इस पत्र का क्या मतलब
पिछले लंबे समय से वाण पशु चिकित्सालय में तैनात डॉ नितिन बिष्ट देवाल में पशु
चिकित्साप्रभारी होने के बावजूद देवाल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं जिसका एकमात्र कारण
है यहां तैनात डॉ सावन पंवार की लापरवाही ,जो तनख्वाह तो देवाल पशु चिकित्सालय से लेते हैं
लेकिन नोकरी अपने घर पर करते हैं ,देवाल आते भी हैं तो महज महीने में एक बार चंद घंटों
के लिए वो भी पुरानी अनुपस्थित हाजिरी को उपस्थिति में तब्दील करने के लिए , ऐसे में अब
देवाल ब्लॉक प्रमुख दर्शन दानू ने भी पशुपालन विभाग से ऐसे लापरवाह अधिकारी पर कार्यवाही
की मांग की है उन्होंने कहा कि अगर जिला पशुपालन विभाग द्वारा डॉ सावन पंवार पर कोई
कार्यवाही नही की जाती है तो वे खुद जिला पशुचिकित्साधिकारी के दफ्तर के आगे धरना देंगे
पशुपालन विभाग में चल रहा ये खेल तो फिलहाल यही कहता है कि पशुपालन विभाग ऐसे
लापरवाह अधिकारियों की वजह से खुद ही बीमार चल रहा है तो ये विभाग कैसे बीमार पशुओं
का इलाज करेगा ये अपने आप मे बड़ा सवाल है