सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी के कर्मचारियों पर समय से ड्यूटी न आने का आरोप,स्वास्थ्य महकमा मौन

पोखरी :उत्तराखंड में स्वास्थ्य महकमे की हालत यूं तो सभी को पता है, लेकिन बात अगर पर्वतीय जिलों की की जाए तो यहां पर लगभग सभी सीएचसी और पीएचसी रेफर सेंटर बने हुए हैं। बदहाली का आलम यह है कि, कोरोना जैसी महामारी में भी यहां पर ना तो उपचार की कोई व्यवस्था है और ना ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अधिकारी सजग दिखाई दे रहे हैं। सीमांत जिला चमोली के पोखरी ब्लॉक की बात की जाए तो यहां पर कर्मचारी इतने लापरवाह हैं कि ड्यूटी का समय 8:00 बजे होने के बावजूद एक घंटा लेट आते हैं। जिससे इमरजेंसी वाले मरीजों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

4

स्थानीय निवासियों का कहना है यहां रोज की यही कहानी है कोई इन अधिकारियों और कर्मचारियों को कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है, अगर कोई कहता भी है तो इनके कान में जूं तक नहीं रहती है।
कर्मचारियों की इस लापरवाही पूर्ण रवैया पर स्वास्थ्य महकमे के उच्च अधिकारी भी कोई कार्यवाही करने को राजी नहीं है ।ताजा घटनाक्रम आज सुबह 7:30 बजे का है जब स्थानीय निवासी रवि रावत अपनी पत्नी को लेकर पोखरी के सरकारी अस्पताल में पहुंचा तो वहां पर 9 बजे तक भी कोई कर्मचारी और डॉक्टर नहीं मिला। स्थानीय निवासियों से पता किया गया तो उनका कहना था कि रोजाना ही यहां पर यही हाल है कभी भी यहां के कर्मचारी और डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं आते हैं अस्पताल के कर्मचारियों व डॉक्टरों की समय पर ड्यूटी ना आने से क्षेत्रीय जनता में भारी रोष है।

आपको बता दें इस सरकारी अस्पताल में लगभग 83 से अधिक ग्राम सभाएं अपने उपचार के लिए आते है लेकिन मैं तो इसकी सुध न तो स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी ले रहे हैं और नहीं यहां के स्थानीय जनप्रतिनिधि इस पर कोई ध्यान दे रहे हैं ।ऐसे में आम जनता जाएं भी तो कहां जाएं शासन और प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि क्षेत्रीय लोगों को समय पर सही उपचार मिल सके।