24व25नवम्बर का दिन क्यों होगा परेड ग्राउड में एतिहासिक? जाने इस खबर में।

-24 व 25 नवम्बर को परेड ग्राउड में होगा वीरभड़ माधोसिंह भण्डारी गीत नृत्य नाटिका का भब्य मंचन।
-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत करेंगे एतिहासिक नाटिका का उद्धाटन।
-नगर निगम से निकलेगी मां नंदा देवी की रथडोली यात्रा।

-परेड ग्राउड में निःशुल्क होगा प्रवेश। 


देहरादून-वीर भड़ माधो सिंह भण्डारी गीत नृत्य नाटिका का प्रथम दो दिवसीय एतिहासिक मंचन परेड ग्राउड में किया जायेगा।सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत कार्यक्रम की विधिवत उद्धाटन करेगें। इससे पूर्व नगर निगम के  टाउन हॉल से मां नंन्दा देवी की रथडोली की भब्य शोभायात्रा निकाली जायेगी जिसमें गढवाली,कुमांउनी,जौनसारी लोककलाकरों के साथ लगभग पांच हजार लोग प्रतिभाग करेंगे। यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न स्थलों से गुजर कर परेड़ मैदान में पंहुचेगी और उसके बाद गीत नृत्य नाटिका को शुरू किया जायेगा। यह जानकारी गीत नृत्य नाटिका के लेखक/निर्देशक बलदेव राणा ने एक खास मुलाकात के दौरान दी
उन्होंने बताया कि इस बार इस गीत/नृत्य नाटिका को पहली बार दर्शकों व संस्कृति प्रेमियों की मांग पर किया जा रहा है। हर बार जब भी नाटक खत्म होता है तब दर्शकों की मांग होती है। कि यह दुबारा कब आयोजित किया जा रहा है। इसलिए हमनें देहरादून में पहली बार इसे दो दिन का कार्यक्रम रखा है। अभिनेता बलदेव राणा ने सीएम रावत का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होनें पहली बार इस एतिहासिक गौरव गाथा को सरकारी सहयोग से करने की अनुमति दी है।साथ ही निजि सहयोग की भी बात की है। सीएम त्रिवेन्द्र रावत का इस एतिहासिक पुरूष के प्रति यह आदर व सम्मान ही है कि उन्होने किसान भवन व उत्तराखंड¬ तकनीकी विश्वविद्यालय का नाम वीरभड़ माधोंसिंह भण्डारी के नाम से जोडा है जिसके लिए वह बधाई के पात्र है,उत्तराखंड की जनता उनके इस एतिहासिक कार्य को चिरस्मरणीय रखेगी।
गौरतलब है कि, बलदेव सिंह राणा उत्तराखंडी फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान रखते है।पहली फिल्म कैथिग में खलनायक की जोरदार भूमिका निभाकर अपने अभिनय का लोहा मनवाया चुके राणा ने उसके बाद पीछे मुड़कर नही देखा। लगातार रंगमंच के साथ साथ फिल्म इंडस्ट्रीज में एक से बड़कर एक बडे परदे की सुपरहिट फिल्मों में देते रहे। जिनमें चक्रचाल, और पिछले साल रिलीज हुई भुली ए भुली फिल्में प्रमुख है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष व विधायक राजपुर खजान दास ने इस एतिहासिक गौरवगाथा का मंचन कराने के लिए आयोजकों व मुख्यमंत्री रावत का धन्यवाद किया उन्होंने सूबे की समस्त जनता से व विशेषकर नई पीड़ी से अपील की है कि इस नाटक को देखने परेड ग्राउड में अवश्य आये ताकि हम अपने पूर्वजों की गौरवगाथा को समझ सकें।
कार्यक्रम के संयोजक राजेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि वीरभड़ माधों सिंह भण्डारी नाटक सिर्फ नाटक मात्र नही है यह हमारे पहाड़ के शूरबीर महायोद्वा व बलिदानी की सजीव गौरवगाथा है। हमारा इस नाटक को मंचित करने का एक मात्र उद्देश्य यह है कि हमारी नई पीड़ी अपने पूर्वजों के गौरवमयी इतिहास से रू-ब-रू हो सके और अपनी संस्कृति से जुडें रहे। उन्होनें पूरे प्रदेश व प्रवासी उत्तराखंडियों से अपील की है कि 24 व 25 नवम्बर की शांय 6 बजे इस नाटक को देखने परेड ग्राउंड में अवश्य आये।
-भानु प्रकाश नेगी,देहरादून