18 साल की सुजाता के पेट से निकला पांच किलोग्राम का टूयूमर, मरीज ने कहा थैक्यू डॉ. पुनेठा

    /भानु प्रकाश नेगी// Dehradun

कोरोनेशन अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी सीनियर सर्जन डॉ एल.सी.पुनेठा ने र्सिफ ढेड घंटे में 18 साल की सुजाता के पेट से पांच किलोग्राम का टुयुमर निकाल कर सफल ऑपरेशन किया।डॉ पुनेठा ने बताया कि मरीज के शरीर में काफी समय टुयूमर बनाने के कारण खून की मात्र सिर्फ 7 ग्राम ही रह गई थी। ऑपरेशन के लिए पांच बोतल खून मरीज के शरीर में चढाना पडा।

गौरतलब है कि 2 अधोईवाला सहस्रधारा रोड़ निवासी राजेश कुमार की पुत्र सुजाता काफी समय से पेट में टुयूमर से पीडित थी। परिवार की आर्थिक हालत खराब होने के कारण वह अपनी लडकी का इलाज प्रायवेट अस्पताल में नही करा पा रहे थे।सुजाता की मां का कहना है कि कई अस्पतालों से भटकते हुए हम कोरोनेशन अस्पताल पंहुचे तो डॉ पुनेठा ने हमारी पीडा को समझा और इलाज के लिए जरूरी टेस्ट करवाये एक पांच दिन के बाद आज ऑपरेशन हुआ तो बहुत खुशी हुई डॉ पुनेठा हमारे लिए देवदूत के समान है हम उनका जिन्दगी भर अहसान मंद रहेगें। वही ऑपरेशन के बाद सुजाता(मरीज)काफी खुश नजर आयी उन्होनें डॉ पुनेठा को सफल ऑपरेशन करने पर सुक्रिया कहा। सुजाता ने बताया कि उसके पेट में कभी दर्द नही होता था लेकिन कुछ दिनों से उसे काफी दर्द हो रहा था,सांस लेने में दिक्कत,हाथ पांवों में सूजन रही थी। डॉ पुनेठा ने हमारी हर तरह से मदद की जिसकी वजह से मेरा सफल ऑपरेशन हो पाया है।

 

डॉ पुनेठा का कहना है कि छोटी उम्र के मरीजों में इस तरह के ऑपरेशन करना काफी मुस्किल होते है क्योंकि पेट का आकार छोटा होता है।सीटी स्केन की रिपोर्ट में कैन्सर की शिकायत बताई गई थी लेकिन मुझे नही लगता कि कैन्सर होगा।टूयूमर की बायपसी कराने के बाद ही पूरी स्थिति का पता लग पायेगा कि कैन्सर है या नही। डॉ पुनेठा के अनुसार पेट के टूयूमर कम उम्र में ना के बराबर होते है। लेकिन कई बार यह रोग पैदा होने से ही जन्म ले लेता है और उम्र के साथ-साथ बढता जाता है। टूयुमर के प्रमुख कारणों में महिलाओं की कई प्रकार की दवाईयां,ध्रूमपान,रेडियो विकिरण आदि प्रमुख है। इस तरह के ऑपरेशन का खर्चा प्रायवेट अस्पतालों में कम से कम ढेड लाख रूपये तक का होता है।