भूतपूर्व सैनिकों के लिए राहत कोष का शुभारम्भ

26 जनवरी पर पूर्व राज्यसभा सदस्य तरूण विजय ने दिया पहला चेक।
-ब्रिगेडियर आर एस रावत ने कराया कैप्टेन विजेन्द्र सिंह गुरूग का परिचय।
-1971 में भारत पाक युद्व के दौरान पाकिस्तान ने बनाया था कैप्टेन गुरूंग को युद्वबंदी।


उत्तराखंड पर्व सैनिक लीग कार्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण के उपरान्त शहीदों को श्रद्वांजलि दी गई। समारोह में 1971 के यु़़द्वबंदी कैप्टेन विजेन्द्र सिंह गुरूंग को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर पूर्व राज्ससभा सदस्य तरूण विजय ने पूर्व सैनिकों की आर्थिक मदद के लिए राहत कोष का शुभारंम्भ किया और 25 हजार रूपये का चेक राहत कोष के लिए दिया।

पूर्व सैनिक लीग कार्यालय में अध्यक्ष व्रिगेडियर आर एस रावत (सेवानिवृत) ब्रिगेडियर के जी बहल सेवानिवृत ने पूर्व सैनिकों को गणतंत्र दिवस और राहत कोष के शुभारंम्भ की बधाई दी। ब्रिगेडियर आर एस रावत ने समारोह में उपस्थित पूर्व सैनिकों से कैप्टेन विजेन्द्र सिंह गुरूंग का परिचय कराया।

न्होनें कहा कैप्टेन गुरूंग देहरादून में गुमनामी की जिन्दगी जी रहे है।वो थ्री आसाम बटालियन में कैप्टेन थे और 1971 में शिलांग में तैनात थे। भारत पाकिस्तान युद्व के दौरान पाकिस्तान ने कैप्टेन गुरूंग को बंदी बना दिया था।31 दिसंम्बर 1972 को भारत पाकिस्तान संधि के बाद 617 बंदियों के साथ इनकी रिहाई हुई थी।बंदी के दौरान कैप्टेन गुरूंग को जेल में यातनायें भी दी गई जिससे उनका मानसिक संतुलन बिगड गया । थ्री आसाम बटालियन ने मानसिक विकलांगता के आधार पर बिना किसी लाभ के इन्हें रिहा कर दिया कैप्टेन गुरूंग को पेन्सन भी नही मिलती है।कैप्टन गुरूंग अनारवाला में अकेले रहते है और मेहनत मजदूरी से अपना भरण पोषण करते है।

ब्रिगेडियर रावत ने कहा कि जब उन्हें इनकी जानकारी मिली तो उन्होनें कैप्टेन गुरूंग के भरण पोषण के लिए ट्राई सर्विस एक्स सर्विसेज एसोसिएशन की ओर से 10 हजार रूपये प्रतिमाह आजीवन देने की घोषणा की साथ ही कैप्टेन गुरूंग और उनके जैसे पूर्व सैनिको के लिए राहत कोष बनाया गया।

इस अवसर पर कर्नल जी एस चीमा,ले.ज.गम्भीर सिंह नेगी,बीपीपीएस गुसाई,कर्नल पीएल परासर,एसएस काला,एल बी खत्री,मेजर जयकृत सिंह खत्री,कैप्टेन डीएस पंवार,आलम सिंह भण्डारी,युद्ववीर सिंह बिष्ट,बीएस रावत समेत कई पूर्व सैनिक मौजूद थे।

   -भानु प्रकाश नेगी