महंगी शिक्षा से नही ऊंचे संस्कारों से होगा बच्चोें का सर्वागीण विकास – भागवत भूषण महामाया प्रसाद शास्त्री

  • अपने बच्चों को महंगी कार के साथ संस्कार भी दे माता पिता

    देहरादून-कोट वाली गली के पास संध भवन में श्रीमद भागवत कथा के अंन्तिम दिन व्यास महामाया ने आज के समय में बच्चों के चरित्र निमार्ण पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होनंे ने कहा कि आज के समय में हम अपने बच्चों को उच्च स्कूलों में पढाकर अपने आप पर गर्व महसूस करते है। जबकि आज के समय में मंहगी शिक्षा की नही चरित्र निर्माण के लिए संस्कारों की अतियंन्त आवश्यकता है ताकि आने वाले समय में हमारे समाज में सुख शांति बनी रहे।श्रीमद् भागवत कथा साक्षात भगवान कृष्ण के द्वारा कही गई है। श्रीमद् भागवत मात्र कथायें नही है बल्कि उन कथाओं के द्वारा जीवन जीने की शैली को बताया गया है। उन्होनेें बताया कि यदि हम आज भी साधु संतों की जीवन शैली को अपनेे जीवन में उतारेंगें तो आनंन्द ही आनन्द आ जायेगा। आज का मनुष्य भौतिक सुख सुविधाओं के चैकाचैध में अतियंत व्यस्त है और उस व्यस्ता में उसे स्यंम के लिए भी समय नही है। अगर इस व्यस्ता से दूर व थोडा भी वह श्रीमद भागवत कथा की ओर अपना रूख करेगा तो उसका जीवन सफल हो जायेगा । श्रीमद् भागवत कथा में सबसे महत्वपूर्ण बात यह बतायी गई है कि आप अपनी संन्तान को संस्कार दे। आज के समय में हमारे देश की शिक्षा बहुत मंहगी हो गई और संस्कार उसी दर से कम हो गये है। ऊंची शिक्षा की नही ऊंचे संस्कारों व नैतिक शिक्षा की आवश्यकता है।

    https://youtu.be/ZtcDjvRKvdI

  • भानु प्रकाश नेगी