10 हजार बैंक कर्मियों की हड़ताल से आम आदमी परेसान

-उत्तराखंड मैं 1586 बैंक कर्मचारियों की हड़ताल.

बित्त मंत्रालय,आईसीए और बैंक यूनियानों के बीच बेतन बृद्वि की मांग को लेकर वार्ता विफल होने के बाद देश भर के 10 हजार बैंक कर्मी हड़ताल पर चले गये है। जिससे आम आदमी की परेसानी बड गई है।
15 दौरे की वार्ता के बावजूद भी सकारात्मक हाल न निकल पाने के कारण बंैककर्मी अपना काम काज छोड सड़कों पर उतर आये।यूनाईटेड फोरम आॅफ बैंक यूनयिन के संयोजक जगमोहन मेंहदींरत्ता ने बताया कि उत्तराखंड के 1586 शाखाओं पर कामकाज ठप्प रहेगा और जल्द सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जायेगी।
वही दूसरी ओर बैंक कर्मियांे की यूनियनों अपनी मांगो को लेकर दो फाड होने की सूचना भी आयी है। जिसे एक करने का प्रयास किया जा रहा है।

बैंक कर्मियों की प्रमुख मांगें

-त्वरित एंव शीध्र बेतन पुनरीक्षण समझौता करना।
-वेतन में पर्याप्त बृद्वि एवं अन्य सेवा शर्तो में सुधार।
-स्केल 7तक के सभी अधिकारियों को वेतन पुनरीक्षण समझौता में सामिल करना।
विरोध
-आई बी ए द्वारा बेतन पुनरीक्षण
-बैंक कर्मचारियों/ अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण में सरकार का उदासीन रवैया।
-वेतन वृद्वि के लिए वेतन विल में आईबीए के 2 प्रतिसत मामूली प्रस्ताव।
-कुछ बैंकों द्वारा केवल स्कैल 3 अधिकारियों तक के वेतन पुनरीक्षण के लिए दिये गये आंशिक मेन्ट।