स्काॅलर होम स्कूल में टर्म चार्ज के तौर पर ली जानी वाली अबैध काॅसन मनी पर बाल आयोग ने लगाया प्रतिबंध।

स्काॅलर होम स्कूल मे टर्म चार्ज के रूप मे ली जाने वाली कॉशन मनी पर बाल आयोग ने लगाया प्रतिबंध, लौटाना होगा RTE वाले छात्रों से लिया शुल्क आज।


देहरादूनः   नैशनल एसोसिएशन फॉर पैरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स ( NAPSR ) स्कॉलर होम स्कूल के अभिभावकों व स्कॉलर होम स्कूल के प्रबंधकों को आयोग द्वारा तलब किया गया था किंतु स्कूल की प्रिंसिपल छाया खन्ना के न आने के कारण कोई सुनवाई नही हो सकी बता दें कि इस से पूर्व भी 10 जनवरी व  16 दिसंबर को स्कॉलर होम स्कूल के अभिभावक और NAPSR अभिभावक संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ठाकुर द्वारा बाल अधिकार संरक्षण आयोग को एक शिकायती पत्र दिया गया था, जिसमे स्कूल मनमानियों के विषय मे आयोग को अवगत करवाया गया था । जिस पर आयोग  ने स्कूल को 26 दिसंबर को नोटिस जारी किया था किंतु स्कूल द्वारा अपनी ओर से कोई स्पष्टीकरण न देने के कारण आयोग ने पिछली तारीख 27 दिसंबर  को दोनो पक्षों को बुलाया था किंतु स्कूल प्रिंसिपल के स्थान पर उनके उनके अधिवक्ता व क्लर्क रघुवीर सिंह रावत ने आकर स्कूल का पक्ष रखना चाहा जिस पर आयोग की अध्यक्षा ऊषा नेगी ने उन्हें फटकार लगाते हुए निर्देश जारी किया कि किसी भी रूप अभिभावकों का शोषण बर्दास्त नही किया जाएगा और अपना पक्ष रखने के लिए स्वंय प्रिंसीपल को ही आना पड़ेगा, साथ ही स्कूल को आदेश दिया गया कि वो किसी भी टर्म चार्ज के रूप मे अभिभावकों से कॉशन मनी नही ले सकते ।

अतः आयोग ने स्कूल को अपने दस्तावेज शीघ्र ही प्रस्तुत करने के निर्देश जारी करते हुए कहा था यदि अगली तारीख मे भी यदि प्रिंसिपल सुनवाई हेतु नही आती तो आयोग अपनी ओर से सख्त वैधानिक कार्यवाही करेगा। दोनों पक्षों की सुनवाई मे बाल आयोग ने स्कूल को किसी भी रूप मेटर्मचार्ज न लेने के साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश का पालन करते हुए RTE वाले बच्चों से अब तक लिया गया शुल्क वापिस करने के आदेश भी दिए । आयोग मे भेंट करने वालों में अध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर , मीना नागपाल , सिमा गुंसाई , अनिता सिंह , मोहन माढ़ , बलबहादुर , रजनीश , मोहन बिष्ट , जगमोहन सिंह रावत , इत्यादि शामिल रहे ।