बद्री केदारनाथ समिति के पास अरबों खरबों की संपत्ति

देहरादून-भगवान तिरुपति और साईं बाबा के साथ-साथ महाराष्ट्र के सिद्धिविनायक गणपति की चर्चा हर बार उनके खजाने को लेकर होती है. लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा है कि उत्तराखंड में स्थापित बदरीनाथ और केदारनाथ भगवान के पास कितना बड़ा खजाना हो सकता है, हजारों फीट की ऊंचाई पर विराजमान बाबा केदारनाथ और भगवान बदरी विशाल खुद देश-दुनिया में अरबों-खरबों की संपत्ति के मालिक हैं ।
उत्तराखंड के चमोली जिले से लेकर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और देश के तमाम राज्यों में बाबा केदार और बदरी विशाल की भूमि है. सरकारी दस्तावेज इस बात की तस्दीक करते हैं कि बाबा केदार और बदरीनाथ दोनों ही इस लिहाज से अरबों के मालिक हैं. बता दें कि हिमालय की गोद में बसे और प्रकृति की बेशुमार खूबसूरती को अपने में समाए हुए देवभूमि उत्तराखंड में स्थित विश्व विख्यात बाबा केदारनाथ और भगवान बदरी विशाल के दर्शन करने का सिलसिला सदियों से चला आ रहा है.यही वजह है कि आज एक नहीं बल्कि अनेकों स्थान पर भगवान के नाम अरबों रुपए की भूमि दान दी जा चुकी है, जिसकी देख-रेख बदरी-केदार मंदिर समिति करती है.उत्तराखंड के कई जिलों सहित अन्य प्रांतों के कई स्थानों पर कुल 60 ऐसे स्थान हैं जहां पर बाबा भोले नाथ और बदरीनाथ जी के नाम भू-सम्पत्तियां दस्तावेजों में दर्ज हैं सचिव की माने तो भूमि का संकलन करके उसे सुरक्षित रखना बड़ा उद्देश्य है ।
केदार मंदिर समिति के नाम मुख्य भू-सम्पत्ति
1 – बदरीनाथ में मंदिर समिति के नाम 217 नाली और 3 मुखवा भू-संपत्ति दर्ज है
2 – बदरीनाथ के माणा गांव में मंदिर समिति के नाम 133 नाली भू-संपत्ति दर्ज है.
3 – मौजा बामणी राजस्व ग्राम में मंदिर समिति के नाम 239 नाली भू-संपत्ति दर्ज है.
4 – जोशीमठ में मंदिर समिति के नाम 169 नाली भू-संपत्ति दर्ज है.
5 – ग्राम अणीमठ में 43 नाली भूमि मंदिर समिति के नाम दर्ज है.
6 – अलियागढ़ (बसुली सेरा) राजस्व क्षेत्र में 186 नाली मंदिर समिति के नाम दर्ज है.
7 – पनेरगाव राजस्व क्षेत्र में 70 नाली भूमि मंदिर समिति के नाम दर्ज है.
8 – जनपद देहरादून के डोभालवाला क्षेत्र में 21.74 एकड़ भूमि नान जेड ए में मंदिर समिति के नाम दर्ज है.
9 – उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 11020 वर्ग फीट भूमि मंदिर समिति के नाम दर्ज है.
10 – हसुवा फतेपुर में 5 बीघा भूमि मंदिर समिति के नाम दर्ज है.
11 – महाराष्ट्र के बुल्ढाना क्षेत्र में 17 एकड़ भूमि श्री बदरी नारायण संसथान के नाम दर्ज है.
12 – श्री केदारनाथ धाम क्षेत्र में 41 नाली भूमि श्री केदारनाथ के नाम दर्ज है.
13 – उखीमठ क्षेत्र में 38 नाली भूमि श्री केदारनाथ के नाम दर्ज है.
14 – संसारी क्षेत्र में 28 नाली भूमि श्री केदारनाथ के नाम दर्ज है ।
दर्शन करने वाले तमाम श्रद्धालुओं में कुछ ऐसे भक्त भी रहे हैं, जिन्होंने भगवान के दर्शन करने के बाद अपनी भूमि को बाबा के नाम दान करने का संकल्प लिया, ताकि इस भूमि का वास्तव में सदुपयोग किया जा सके और बाबा के भक्तों धार्मिक लिहाज से इसका लाभ प्राप्त हो सके । बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष की माने तो उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों मे बद्री केदार मंदिर भू संम्पति है ।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माने जाने वाले बाबा केदारनाथ और भगवान बदरी विशाल यूं तो अपनी दया दृष्टि से हमेशा भक्तों का कल्याण करते रहते हैं. बावजूद इसके भोले बाबा और भगवान श्री हरि विष्णु जी के धाम के नाम तमाम श्रद्धालुओं ने अनेकों स्थानों पर अचल संपत्ति के रूप में भूमि दान की हुई है. जिसको लेकर अब यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आखिर किस तरह से भूमि का संरक्षण किया जा सकता है.

उपेन्द्र सिंह