अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक गुमनाम नाम ऐसा भी

अच्छा कार्य करने की कोई उम्र नहीं होती

आज के इस अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक गुमनाम नाम ऐसा भी है जो पिछले लगभग चार वर्षो से देहरादून के विभिन्न इलाको के लोगो को स्वच्छता और सफाई का पाठ पढ़ा रही है. अगर आजकल की लड़कियों पर नजर डालें तो हम पाते हैं कि ये लड़कियां आजकल बहुत बाजी मार रही हैं। इन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए देखा जा सकता है , एक छोटी से उम्र से स्वच्छता की ऐसी लगन की अपना सब कुछ छोड़ बस इसी को अपना कर्म बना लिया ,जी हा, वह है वेस्ट वारियर्स संस्था की मिस अंकिता चमोला . आज जहा हर तरफ कूड़ा- कचरा फैला हुआ है ,तमाम सरकारी तंत्र इसको ठीक करने मे लगा है वही यह अकेली लड़की सुबह से शाम तक लोगो के घर- घर ,प्रतिष्ठानों ,स्कूल कॉलेज जा उनको कचरे को संसाधन कैसे बनाये,कैसे कचरा स्रोत पर ही कम करे, कैसे गीले कचरे से खाद बनाये के बारे मै लोगो को ज्ञान दे रही है. अभी तक लगभग देहरादून के 10,000 परिवारों को यह कचरा प्रबंधन सीखा चुकी है।

वार्ड 21 (ऍम के पी )के लगभग सभी परिवार अब अपने कचरे को अलग -अलग कर नगर निगम की गाड़ी को देते है. अंकिता का कहना है की स्वाथ्स्य- शरीर,मन ,तन ,हवा ,पानी और धरती तभी संभव है जब आप कचरे को संसाधन के रूप मे ले. अपने देहरादून को वापस अपना वही स्वरुप लौटने का काम आज अंकिता कर रही है. आज के इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आपको शत शत नमन। धन्यवाद