एम्स ऋषिकेश में चार वर्षीय बच्चे की तर्जनी उंगली का जटिल ऑपरेशन.

 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में हड्डी रोग विभाग की चिकित्सकीय टीम ने एक चार वर्षीय बच्चे की तर्जनी उंगली का जटिल ऑपरेशन कर अंगूठा बनाने में सफलता प्राप्त की है। इससे पूर्व बच्चे के हाथ में महज चार अंगुलियां थी। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने सफलता पूर्वक जटिल सर्जरी के लिए चिकित्सकीय दल की सराहना की है।

एम्स निदेशक प्रो.रवि कांत ने बताया कि संस्थान मरीजों को वल्र्ड क्लास स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि मरीजों को एम्स ऋषिकेश में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें व उन्हें इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े। एम्स के अस्थि रोग विभाग के सहायक आचार्य व हाथ के विशेषज्ञ सर्जन डा.विवेक सिंह ने विभागाध्यक्ष प्रो.शोभा एस.अरोड़ा के मार्गदर्शन में हाथ के अंगूठे से संबंधित जटिलतम सर्जरी करने में सफलता प्राप्त की है। टीम ने एनिस्थिसिया विभाग के सहयोग से चार साल के बच्चे की तर्जनी उंगली की जटिल सर्जरी कर उसे अंगूठे में परिवर्तित कर हाथ की विकलांगता को समाप्त कर दिया। उन्होंने बताया कि बहुत से बच्चे जन्म से ही अंगूठा व बाजू की एक हड्डी से विहीन पैदा होते हैं। जिसके चलते उन्हें सामान्यरूप से दैनिक कार्यों मसलन लिखने, भोजन आदि में विकलांगता की स्थिति का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि सामान्यतः व्यक्तियों के कार्य करने में 70 प्रतिशत तक अंगूठे का योगदान होता है। उन्होंने बताया कि यह अत्यधिक नाजुक व जटिल शल्य क्रिया है,जिसे निदेशक पद्मश्री प्रो.रवि कांत के सफल निर्देशन में एम्स ऋषिकेश में मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निदेशक प्रो.रवि कांत के अथक प्रयासों से प्रारंभ किए गए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ऑपरेशन थियेटर की वजह से इस प्रकार की जटिल सर्जरी एम्स में संभव हो पाई है। चिकित्सकीय दल में डा.विवेक सिंह के अलावा डा.सितांशु बारिक,डा.सोविक पॉल,एनिस्थिसिया विभाग की ओर से अपर आचार्य डा.अजय कुमार आदि शामिल थे।