अगस्त्यमुनी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे कई सवाल?

: कुलदीप राणा आज़ाद/रूद्रप्रयाग

 

: अगस्त्यमुनि ब्लॉक मुख्यालय से सटा बाजार विजय नगर व पुराने देवल में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा छ छोटी कारें और दो मैक्स वाहनों की तोड फोड की गई। जबकि एक दुकान का ताला तोडकर नगदी और सामान पर भी हाथ साफ किया गया है। बताया जा रहा है कि पिछले सप्ताह भी विजय नगर में चार दुकानों के ताले तोड़े गये थे जिसमें सामान के साथ नगदी को उडा ले गये थे जिसके बाद अगस्त्यमुनि थाने में इस घटना की शिकायत भी की गई थी लेकिन पुलिस कार्रवाई करने की बजाय चैन की नींद सो रही है।

व्यापारियों का आरोप है की शहर की सुरक्षा को लेकर यहां की पुलिस गम्भीर नहीं है। अगस्त्यमुनि-विजयनगर और आस पास के कस्बों अज्ञात व बदमाशों पर नजर रखने वाली तीसरी आँख में भी लापरवाही का मोतियाबिंद पडा हुआ है, आलम यह है कि शहर के सारे सीसीटीवी कैमरे बंद पडे हुए हैं। ऐसे में कैसे अराजकतत्वों पर नजर रखी जायेगी? बडा सवाल यह भी है कि पुलिस भी रात को गश्त नहीं मारती है, जिसका परिणाम लगातार चोरी की घटनाओं और वाहनों को क्षति पहुचाने के रूप में सामने आ रहा है।

उधर नगर पंचायत ने भी शहर के कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई हुई हैं जिससे अराजकतत्व आसानी से शहर में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से तंग आकर अब अगस्त्यमुनि व्यापार मंडल पुलिस की सुस्त कार्यवाई के खिलाफ आन्दोलन की रणनीति बना रहा है। अगस्त्यमुनि व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल कोठियाल ने कहा कि ढेड सप्ताह के भीतर ये दूसरी घटना है जिसमें व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ आपदा के बाद बडी मुश्किल से यहां के लोग उभर रहे हैं, बैंक से कर्ज लेकर कोई गाडी तो कोई दुकान चलाकर अपने रोजी रोटी का जुगाड़ कर रहा है लेकिन असामाजिक तत्वों द्वारा भारी नुकसान पहुंचाने से व्यापारी कर्ज तले दब रहा है। ऐसा लगता है अगस्त्यमुनि विजय नगर में सुरक्षा का भारी अभाव हो गया है। उन्होंने कहा कि आज चक्का जाम के साथ आन्दोलन किया ।