कृषि का मॉडल सुधारनें के लिए राज्य सरकार की ये पहल खास है।

देहरादून: उत्तराखण्ड में कृषि जोत का क्षेत्रफल घट गया है।

इसलिए जरूरत इस बात की है कि सीमित संसाधनों का उचित उपयोग हो। राज्य की जलवायु और मिट्टी की उर्वरकता की दृष्टि से अलग-अलग क्षेत्र विशिष्ट कृषि उपजों, या बागवानी के लिए एकदम उपयुक्त हैं। जिस क्षेत्र में जिस चीज की उपलब्धता है, वहां उसी के उत्पादन को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रदेश में क्लस्टर फार्मिंग के लिए ‘एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम’ योजना शुरू की जा रही है।

योजना में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 95 ब्लॉक के एक-एक गांव को क्लस्टर कृषि का मॉडल बनाया जाएगा। प्रत्येक गांव में 10 हेक्टेयर क्षेत्र पर 100 किसानों के समूह को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। कृषि कार्य की शुरुआत के लिए समूह को ₹15 लाख की वित्तीय मदद दी जाएगी।