संस्कारों की कमी से हो रहे है समाज में कुकृत्य- आचार्य शिव प्रसाद ममगाई

संस्कारों की कमी के कारण आजकल समाज में कुकृत्य बड रहे है।जिसके लिए कही न कही बच्चों के मां बाप भी दोषी हैं। आजकल के बच्चों को शिक्षा तो मिल रही है लेकिन संस्कारों की कमी के कारण समाज में हर दिन चोरी,डकैती,बलत्कार,खून खराबा जैसे कुकृत्य लगातार बड रहें। जिसका मुख्य कारण परिवारिक संस्कारों की कमी और स्कूलों में नैतिक शिक्षा का आभाव है।आजकल हमारे घरों में माता-पिता  संस्कार नही देते है, घर के बडे लोगों का चरण स्पर्श करना,अपने ईष्ट देवी देवताओं का पूजन करना,उनका स्मरण किये बिना घर से बाहर नही निकलना इस प्रकार के संस्कार मां देती है ऐसे संस्कारों से बच्चें अमानवीय घटनाओं को कुकृत्यों को अंजाम नही देंगें। आजकल मां बाप बच्चों पर निगरानी नही रखते है बच्चों के स्कूल,कॉलेजों में आने-जाने के समय का ख्याल नही रखते जिससे बच्चे आवरा हो जाते है और गलत संगत में पड कर अपराधों को अंजाम देते है। यह बात प्रसिद्व कथावाचक आचार्य शिव प्रसाद ममगाई ने देहरादून में एक कथा के दौरान कही। उन्होने ने बताया कि आज के समय में सबसे ज्यादा आवश्यक बात यह है कि मां बाप अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ -साथ अच्छे संस्कार भी दे साथ ही अपनी दूधबोली भाषा व अपने लोक सांस्कृतिक विरासतों के बारे में भी समय-समय पर अवगत करायें तभी सही मायेने में बच्चों की पढाई सार्थक हो पायेगी।
https://youtu.be/BiPAEVMjrY8
भानु प्रकाश नेगी